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Hathras News: एचपीवी वैक्सीन के लिए किशोरियों को केंद्र तक लाना चुनौती

Sat, 28 Mar 2026 02:05 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
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प्रतीकात्मक चित्र। - फोटो : Archive
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सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए ट्रायल फेज में टीकाकरण की शुरुआत होने जा रही है। तीन महीने चलने वाले इस टीकाकरण कार्यक्रम में कोल्ड चेन वाले स्वास्थ्य केंद्रों पर 15 वर्ष की किशोरियों को टीके लगाए जाएंगे। अब स्वास्थ्य विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती है कि किशोरियों को केंद्रों तक कैसे लाया जाए।
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इसके लिए स्कूल व कॉलेजों में संपर्क किया जा रहा है। आंगनबाड़ी व एएनएम के जरिये घर-घर जाकर अभिभावकों को जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है। महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर) के बढ़ते खतरे को देखते हुए जल्द ही राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम में ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) वैक्सीन को शामिल किया जाएगा।



ट्रायल फेज के लिए प्रदेश से जिले को 16,480 टीके लगाने का लक्ष्य मिला है, जिसमें से 4760 वैक्सीन जिले को प्राप्त हो चुकी हैं। इन्हें जिला अस्पताल परिसर स्थित कोल्ड चैन के अलावा सीएचसी की कोल्ड चेन में रखवाया गया है। शुरुआती परिणाम देखने के लिए 90 दिनों के ट्रायल फेज में जिला महिला अस्पताल व सीएचसी पर चिकित्सकों की निगरानी में ही इंजेक्शन लगाया जाएगा।
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आशा-एएनएम व सीएचओ को दी जिम्मेदारी

टीकाकरण के लिए ब्लॉक लेवल पर आशा, एएनएम व सीएचओ को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इन्हें घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करने की भी जिम्मेदारी दी गई है, जिससे टीकाकरण केंद्रों तक किशोरियों को लाया जा सके। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी स्कूल व कॉलेजों से भी संपर्क कर रहे हैं। डीआईओएस को भी पत्र लिखा गया है।






बार-बार बदल रही उद्घाटन की तिथि

जिला अस्पताल से ट्रायल फेज की शुरुआत होनी है, लेकिन किशोरियों को लाने की व्यवस्था न होने के कारण बार-बार तिथि स्थगित हो रही है। 25 मार्च को कार्यक्रम स्थगित होने के बाद 27 मार्च की तिथि निर्धारित की गई, लेकिन अवकाश के कारण कार्यक्रम रद्द हो गया। अब सोमवार को कार्यक्रम की शुरुआत हो सकती है, जिसके बाद एक अप्रैल से सीएचसी पर शुरुआत होगी।







98 किशोरियों को लग चुके टीके

एचपीवी वैक्सीन की शुरुआत जिले में हो चुकी है। दिसंबर 2025 में मंडलायुक्त की अध्यक्षता में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय टुकसान में हुए कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की 98 छात्राओं को टीके लगाए गए थे। टीके के बाद किसी भी छात्रा को दिक्कत नहीं हुई थी। डीआइओ डाॅ. एमआई आलम ने बताया कि इस टीके के कोई दुष्परिणाम नहीं है। यह टीका सर्वाइकल कैंसर के खतरे को 90 फीसदी तक कम कर देता है।












अभी यह टीकाकरण का ट्रायल फेज है। शुरुआती परिणाम देखने के लिए पहले केंद्रों पर ही टीकाकरण करने के निर्देश हैं। 90 दिन के बाद इसे सामान्य टीकाकरण कार्यक्रम से जोड़ा जा सकता है, जिससे घर-घर टीके लगाए जा सकेंगे।
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-डाॅ. एमआई आलम, डिप्टी सीएमओ
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