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वर अमावस आज, महिलाएं रखेंगी उपवास

Fri, 03 Jun 2016 11:47 PM IST
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
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हाथरस। शहर में वर अमावस्या आज शनिवार को धार्मिक वातावरण में मनाई जाएगी। वटवृक्ष यानि बरगद का पूजन कर महिलाएं सौभाग्यवती होने का वरदान मांगेगी। इस दिन शनि जयंती होने से इस बार इस व्रत का महत्व और भी बढ़ गया है। हालांकि दो दिन अमावस्या की तिथि होने से वर अमावस्या को लेकर महिलाओं के सामने असमंजस की स्थिति भी रही। इस बारे में वह शाम तक विद्वानों से राय-मशविरा भी करती रहीं।
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ज्येष्ठ मास के व्रतों में वर अमावस्या का व्रत बहुत प्रभावी माना जाता है। महिलाएं व्रत रखकर अपने पति की दीर्घायु एवं सभी प्रकार की सुख समृद्धि की कामना करेंगीं। मान्यता है कि वट वृक्ष के नीचे ही सावित्री ने अपने मृत पड़े पति सत्यवान के पुनर्जीवन का वरदान प्राप्त किया था। तभी से इस व्रत को वट सावित्री व्रत के नाम से भी जाना जाता है। इसमें वटवृक्ष की श्रद्धा भक्ति के साथ पूजा की जाती है। महिलाएं अपने अखंड सौभाग्य एवं कल्याण के लिए यह व्रत रखती हैं। बरगद के पेड़ की परिक्रमा से सभी बाधाएं दूर होती हैं। 

इस तरह महिलाएं करेंगी पूजा-अर्चना 
सबसे पहले महिलाएं वट वृक्ष पर जल चढ़ाकर चंदन और अक्षत लगाएंगी। पेड़ के चारों ओर कच्चा सूत सात, ग्यारह या इक्कीस बार लपेटकर परिक्रमा करेंगी। बरगद के पेड़ के नीचे सत्यवान और सावित्री की कथा सुनेंगी। यथाशक्ति सिंदूर, दर्पण, मॉली, काजल, मेहंदी, चूड़ियां, साड़ी, बिंदिया आदि सामान एक बांस की टोकरी में रखकर अपनी सास या किसी योग्य साधक को दे देंगी। 
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वर अमावस्या का पूजन शनिवार को करना ही श्रेष्ठ रहेगा। अमावस्या की तिथि रविवार सुबह आठ बजे तक ही है। वर अमावस्या का पूजन उस काल में करना श्रेष्ठ रहता है, जब दोपहर में भी अमावस की तिथि हो। यह काल शनिवार को ही रहेगा। गंगा स्नान जरूर रविवार को होगा।
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-आचार्य उपेंद्रनाथ चतुर्वेदी, ज्योतिषाचार्य
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