सहालग के बाजार में डिजाइनर लहंगे सज गए हैं। पारंपरिक परिधानों में एक बार फिर इंद्रधनुषी रंगों का चलन लौट आया है। मल्टीकलर लहंगा-चोली खूब भा रहा है। दुल्हन बनने जा रहीं युवतियां रजवाड़ा और इंद्रधनुषी स्टाइल लहंगे ज्यादा पसंद कर रहीं हैं। इस तरह के लहंगे संगीत, हल्दी या विवाह समारोह के किसी भी कार्यक्रम के लिए सटीक माने जा रहे हैं।
इस साल दुल्हनों में रजवाड़ा, इंद्रधनुषी प्रिंट वाले लहंगे की सबसे ज्यादा मांग है। युवा पीढ़ी शाही अंदाज वाली शादियों को प्राथमिकता दे रही है। बीती सहालग तक रजवाड़ा लहंगा 35 हजार रुपये तक बिक रहा था, लेकिन इस साल इसकी कीमतों में कमी आई है, अब यह करीब 25 हजार रुपये तक मिल रहा है। यही हाल इंद्रधनुषी प्रिंट व बनारसी लहंगों का है। कापड़ा कारोबारी बांके बिहारी ने बताया कि इस साल मोती, शीशे, जर्किन, पर्ल, डोरी वर्क, नल्की, फिंगर आर्ट, जरदोजी, सिल्क प्रिंट से तैयार लहंगों की खूब मांग है।