मेला श्रीदाऊजी महाराज में आयोजित अखिल भारतीय कुश्ती दंगल का बुधवार देर रात करीब 2:30 बजे भव्य समापन हुआ। 7 लाख 11 हजार रुपये के इनाम की सबसे बड़ी कुश्ती भारत केसरी उमेश पहलवान मथुरा और ईरानी पहलवान मिर्जा ईरानी के बीच लड़ी गई। 20 मिनट तक चली यह भिड़ंत कश्मकश के बाद बराबरी पर छूटी।
अंतिम दिन अखाड़े में छोटी-बड़ी 155 से अधिक कुश्तियां लड़ी गईं, जिनमें भारत केसरी और अंतरराष्ट्रीय पहलवानों ने मल्ल विद्या के दांव-पेच दिखाए। अंतिम तीन सबसे बड़ी कुश्तियां लड़ी गईं। 3 लाख 51 हजार रुपये के इनाम केक मुकाबले में भारत केसरी संजय पहलवान मीतरोल और मलंग पहलवान पलवल, हरियाणा आमने-सामने आए।
बेहद कड़े मुकाबले में मलंग पहलवान ने अपने प्रतिद्वंद्वी को पटखनी देकर खिताब अपने नाम किया। 5 लाख 51 हजार रुपये की कुश्ती में भारत केसरी कलुआ गुर्जर दिल्ली और भारत केसरी अविनायक पहलवान कानपुर के बीच 20 मिनट तक कांटे की टक्कर हुई, लेकिन मुकाबला बराबरी पर छूटा।
देवा थापा और महिला पहलवानों का रहा दबदबा
दंगल में सबसे ज्यादा उत्साह उस समय देखने को मिला, जब नेपाल के प्रसिद्ध पहलवान देवा थापा ने अखाड़े में उतरकर अपने प्रतिद्वंद्वी को उठा-उठाकर धूल चटाई। महिला कुश्तियों में 51 हजार रुपये के मुकाबले में कोमल पहलवान पलवल ने काजल पहलवान दिल्ली को शिकस्त दी। 31 हजार रुपये की कुश्ती में पूनम फोगाट हरियाणा ने अंशु गाजियाबाद को हराया, जबकि संतोषी कानपुर और बबीता दिल्ली एयरफोर्स का मुकाबला बराबर रहा। अन्य मुकाबलों में सचिन पहलवान खेड़ा ने ललित पहलवान कुंवरपुर और लव पहलवान दिल्ली ने आकाश गोपाल अखाड़ा और धांसू पहलवान परसारा ने राहुल सिकंदराराऊ को हराकर जीत दर्ज की।
सांसद ने विजयी पहलवानों को दिए पुरस्कार
समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सांसद अनूप प्रधान पहुंचे। दंगल संयोजक विपुल गौड़, अध्यक्ष संतोष शर्मा, विशेष सहयोगी सुभाष उपाध्याय, मुख्य व्यवस्थापक विकास भारद्वाज, सौरभ शर्मा सहित दंगल कमेटी ने सांसद व अन्य अतिथियों का स्वागत किया। विजयी व प्रतिभागी पहलवानों को नकद पुरस्कार, गदा और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। रेफरी की भूमिका मुकेश पहलवान, तरुण पहलवान, नवल उस्ताद व एनआई कोच तेजबहादुर ने निभाई, जबकि कमेंट्री कुंजबिहारी शर्मा कुंजी गुरु, बौहरे प्रशांत शर्मा, सुनील बेनवाल और सचिन पहलवान ने सुनाया।