जिला अस्पताल में पर्चा बनवाने के लिए लगी लंबी कतार। संवाद
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भीषण गर्मी ने बीमारियां बढ़ा दी हैं। बढ़ते तापमान व उमस के चलते लोग डायरिया और गैस्ट्रोएंटराइटिस का शिकार हो रहे हैं। जिससे शरीर में पानी की कमी होने से मांसपेशियों में ऐंठन और अत्यधिक कमजोरी महसूस हो रही है। गैस्ट्रोएंटेराइटिस पेट और आंतों का एक संक्रमण है, जिसे अक्सर पेट का फ्लू भी कहा जाता है। यह मुख्य रूप से वायरस, बैक्टीरिया या दूषित भोजन के कारण होता है, जिससे उल्भी-दस्त, पेट में ऐंठन और हल्का बुखार रहता है।
शनिवार को जिला अस्पताल पहुंचे मोहल्ला रमनपुर के रहने 48 वर्षीय सत्यपाल यादव ने बताया कि तीन दिन पहले उन्हें उल्टी व दस्त की शिकायत हुई थी। दवाएं लेने के बाद दो दिन में आराम है, लेकिन अब खड़े होने में भी दिक्कत हो रही है। शरीर में दर्द व कमजोरी की वजह से वे काम पर भी नहीं जा पा रहे। लाइन में लगकर उन्होंने फिजिशियन डाॅ. अवधेश कुमार से दवा ली।
जिला अस्पताल में पेट दर्द, उल्टी-दस्त, चक्कर और बुखार के मरीज लगातार पहुंच रहे हैं। शनिवार को भी फिजिशियन ओपीडी में 150 से अधिक मरीज पहुंचे। बाल रोग विशेषज्ञ डाॅ. प्रमोद कुमार के पास 120 से अधिक बच्चे पहुंचे। उन्होंने बताया कि इस मौसम में बच्चों में पेट दर्द, सर्दी-खांसी व बुखार की समस्या अधिक हो रही है, जो मौसम का असर है।
सोडियम और पोटेशियम की कमी दे रही ऐंठन
डाॅ. अवधेश के अनुसार गर्मी के कारण शरीर से पसीने और उल्टी-दस्त के जरिए इलेक्ट्रोलाइट्स (जैसे सोडियम और पोटेशियम) तेजी से बाहर निकल जाते हैं। इसी वजह से मरीजों को मांसपेशियों में तेज ऐंठन, खिंचाव और गंभीर कमजोरी महसूस हो रही है। इससे बचने के लिए नियमित ओआरएस का सेवन करते रहे।