नगर पालिका बोर्ड बैठक में मंचासीन सदर विधायक, चेयरमैन व ईओ।
- फोटो : Amar Ujala
नगर पालिका परिषद में हुई पहली बोर्ड शुरू होने से पहले ही चेयरमैन के निर्देश पर मीडिया कर्मियों को नगर पालिका बोर्ड बैठक की कवरेज करने से रोका गया। फोटो खिंचाने के बाद सभी मीडिया कर्मियों को बाहर जाने के लिए पालिका कर्मचारी द्वारा माइक से घोषणा कराई गई। मीडिया कर्मियों को बाहर जाने की बात कहने पर कुछ सभासदों ने भी ऐतराज जताया था, लेकिन यहां सभासदों की भी किसी ने नहीं सुनी।
ऐसा पहली बार हुआ है, जब नगर पालिका बोर्ड जैसी महत्वपूर्ण बैठक के दौरान मीडिया कर्मियों को कवरेज करने से रोका गया हो। बोर्ड की पहली बैठक में 23 प्रस्तावों को रखा गया, जिनमें से 21 प्रस्ताव पास हो गए। सभासदों का कहना था कि कई प्रस्ताव को लेकर उन्होंने विरोध किया था, लेकिन उनके विरोध को दूसरे सभासदों ने दबा दिया। बोर्ड बैठक में मीडिया कर्मियों को कवरेज नहीं करने के संबंध में नगर पालिका के कई पूर्व चेयरमैन से भी बात की गई तो वह बोले कि मीडिया एक आइना होता है।
आइने को सामने रखकर ही हम अपनी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचा सकते हैं। जब मीडिया ही नहीं होगी तो जनता को कैसे पता चलेगा कि बोर्ड मीटिंग में उनके क्षेत्र के सभासदों ने क्या मांग उठाई। पालिका अधिकारी व कर्मचारियों ने क्या भरोसा दिलाया और चेयरमैन ने किस तरह सभासदों के साथ व्यवहार किया। विकास का एजेंडा क्या रहा। बंद कमरे में बोर्ड बैठक करना और प्रस्तावों को पास कराना उचित नहीं है।
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