सीएचसी सासनी में मरीज देखतीं चिकित्सक
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सासनी में मशीन खराब होने के कारण मरीजों के खून की जांच से लेकर एक्सरे तक नहीं हो पा रहे हैं। इससे मरीजों को निजी खर्चे पर जांच करानी पड़ रही हैं। मरीजों व उनके तीमारदारों को आर्थिक भार झेलना पड़ रहा है।
सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर मोटा बजट खर्च कर रही है। इसके बावजूद स्वास्थ्य सेवाएं पटरी पर आने का नाम नहीं ले रही हैं। स्वास्थ्य सेवाओं का सबसे बुरा हाल ग्रामीण क्षेत्र में है। इसकी बानगी सीएचसी सासनी में देखने को मिली। सीएचसी पर मरीजों को बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिल रही हैं। केंद्र पर मशीन खराब होने के कारण सीबीसी, एलएफटी, केएफटी जैसी खून की बुनियादी जांच तक नहीं हो पा रही हैं।
वहीं दो दिन पूर्व एक्सरे टेक्नीशियन का स्थानांतरण होने के कारण केंद्र पर एक्सरे तक नहीं हो पा रहे हैं। इससे मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मजबूरन मरीजों को निजी प्रयोगशाला से जांच करानी पड़ रही है। गरीब तबके के मरीज आर्थिक तंगी के कारण जांच नहीं करा पाते हैं। इससे उन्हें समुचित उपचार नहीं मिल पाता है।
एक्सरे कराने सीएचसी आई हूं। यहां एक्सरे नहीं हो रहे हैं। मजबूरन निजी खर्चे पर एक्सरे कराना पड़ेगा। - कमलेश देवी, मरीज
बुखार से परेशान हूं। उपचार के लिए सीएचसी सासनी आया हूं। यहां जांच नहीं हो पाई है। दवा लेकर घर जा रहा हूं। -सुखदेव सिंह, मरीज
स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सक और स्टाफ की काफी कमी है। सासनी सीएचसी के एक्सरे तकनीशियन का स्थानांतरण हो गया है। इससे एक्सरे नहीं हो पा रहे हैं। जल्द ही समस्या का समाधान किया जाएगा। - डॉ. मंजीत सिंह, सीएमओ हाथरस