सिद्ध बाबा आश्रम पर सेवायत गांव के ही बुजुर्ग साधु छत्रपाल को आश्रम पर आए एक काले हिरण ने सींगों से पटक कर मार डाला था। इस संबंध में उनके बेटे भगवान सिंह ने बताया कि पांच दिन पहले काला हिरण शायद मेरे पिता का काल बन कर आया था, जो पिता को मारने के दूसरे दिन आश्रम से गायब हो गया।
अलीगढ़ में गंगीरी अंतर्गत गांव बढ़ारी बुजुर्ग के सिद्धबाबा आश्रम से बुजुर्ग साधु के लिए काल बना काला हिरण अब गायब हो गया है, वन विभाग की टीम ने 23 अक्तूबर को भी उसे तलाश किया लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका, काले हिरण के काली नदी के सहारे के जंगल में चले जाने की संभावना व्यक्त की जा रही है।
विज्ञापन
वन विभाग के अतरौली रेंज के रेंजर महफूज अली ने बताया कि ग्राम प्रधान की सूचना पर उन्होंने वन विभाग की टीम के साथ बृहस्पतिवार को काले हिरण को गांव के आश्रम और आसपास के जंगल में तलाश किया लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। उन्होंने बताया कि गंगीरी क्षेत्र में काला या किसी भी प्रजाति का हिरण नहीं है, गांव के पास काली नदी के किनारे जंगल है, संभवत: हिरण उस ओर होगा और बुजुर्ग साधु ने अपने पास रख कर हिरण को खाना खिलाया होगा, आशंका है कि घटना वाले दिन हिरण ने खाना न मिलने या भूखा होने पर साधु पर हमला बोल दिया होगा, जिससे उनकी घायल होने के बाद मौत हो गई। लगातार दो दिन से गांव के आसपास जंगलों में हिरण की तलाश की है लेकिन वह नहीं मिला है।
ज्ञात रहे सिद्ध बाबा आश्रम पर सेवायत गांव के ही बुजुर्ग साधु छत्रपाल (80) को आश्रम पर आए एक काले हिरण ने सोमवार की तड़के सींगों से पटक कर मार डाला था। इस संबंध में उनके बेटे भगवान सिंह ने बताया कि पांच दिन पहले काला हिरण शयद मेरे पिता का काल बन कर आया था, जो पिता को मारने के दूसरे दिन (मंगलवार) को आश्रम से गायब हो गया, इससे पहले कभी काला हिरण आश्रम पर नहीं आया था।