फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दो नेताओं के निष्कासन से भाजपा में खलबली

Thu, 11 May 2017 11:17 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ हाथरस।
विज्ञापन
राजनी‌ति - फोटो : demo pic
विज्ञापन
हाथरस। पूर्व जिला महामंत्री डॉ. चंद्रशेखर रावल और पूर्व विधायक प्रताप चौधरी के निष्कासन से भाजपा में सरगर्मियां पूरे उफान पर रहीं। पूर्व विधायक का कहना है कि उन्होंने गलत प्रत्याशी के निर्णय के खिलाफ खुलकर काम किया था। उन्हें इस कार्रवाई की कोई परवाह नहीं है, जबकि डॉ.रावल ने इसे पार्टी के ही कुछ लोगों का षड्यंत्र करार दिया है। जिला नेतृत्व ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही कुछ और अनुशासनहीन लोगों पर पार्टी की गाज गिर सकती है। इस कार्रवाई ने उन भाजपाइयों में खलबली मचा दी है, जोकि विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी और प्रत्याशी विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहे थे।
विज्ञापन


सूत्र बताते हैं कि डॉ. रावल और पूर्व विधायक के खिलाफ कार्रवाई की जमीन तो विधानसभा चुनाव के तुरंत बाद ही तैयार हो गई थी। पार्टी नेतृत्व की तरफ से इन दोनों को नोटिस देकर जवाब भी मांगा गया था। गौरतलब है कि डॉ. रावल ने हाथरस विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशी हरीशंकर माहौर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था और उनसे आहत होकर इस्तीफा तक दे दिया था। हालांकि कुछ समय बाद माहौर ने डॉ. रावल को चुनाव के दौरान उनकी छवि खराब करने का आरोप लगाते हुए कानूनी नोटिस भी भेजा था। बताते हैं कि इस प्रकरण की शिकायत पार्टी आलाकमान से की गई थी और इसे अनुशासनहीनता की श्रेणी में मानते हुए कार्रवाई की मांग की गई थी। इसी तरह सादाबाद में पार्टी प्रत्याशी प्रीति चौधरी ने भी पूर्व विधायक प्रताप चौधरी के खिलाफ पार्टी आलाकमान को शिकायत दर्ज कराई थी। गौरतलब है कि प्रताप चौधरी ने चुनाव से ठीक पहले ही भाजपा का दामन थामा था, लेकिन प्रत्याशी चयन से नाखुश होकर उन्होंने प्रत्याशी के खिलाफ काम करने का ऐलान कर दिया था। बताते हैं कि इन शिकायतों पर ही आलाकमान ने यह कदम उठाया है। चर्चा है कि पार्टी में गुटबाजी फैला रहे कुछ और भाजपाई इन-दिनों आलाकमान के निशाने पर है। आलाकमान ने इनके बारे में जांच भी कराई है। जल्द ही इन पर भी गाज गिर सकती है, लेकिन इतना तो तय है कि आलाकमान की इस कार्रवाई से पार्टी में लंबे समय से चल रही गुटबाजी को थोड़ा-बहुत तो विराम जरूर मिलेगा।
-----

हालांकि अभी तक मुझे इस बारे में कोई आदेश नहीं मिला है, लेकिन कार्रवाई की जानकारी मिल गई है। जिन लोगों ने पार्टी के खिलाफ अनुशासनहीनता की है, पार्टी में उनके बारे में चिंतन चल रहा है। उनके खिलाफ भी जल्द कार्रवाई होगी। पार्टी में किसी भी स्तर पर अनुशासनहीनता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विज्ञापन

-रामवीर सिंह परमार, जिलाध्यक्ष भाजपा
----
मुझे कार्रवाई के संबंध में न कोई आदेश मिला है, न कोई नोटिस। मैने तो चुनाव के वक्त ही तय कर लिया था कि पं. दीनदयाल उपाध्याय के सिद्धांत पर चलते हुए मैं ऐसे प्रत्याशी को सहयोग नहीं करूंगा, जोकि जनभावनाओं के अनुरूप नहीं है। पार्टी ने जिसे टिकट दिया, वह इस लायक थी ही नहीं। मैने तो खुलकर पार्टी के शीर्ष नेताओं को भी कह दिया था कि मैं ऐसे प्रत्याशी का कतई सहयोग नहीं करुंगा। धोखा मैने नहीं, बल्कि पार्टी ने मेरे साथ किया था।
-प्रताप चौधरी, पूर्व विधायक
-----
निष्कासन का आदेश मुझे मिल गया है। कुछ लोगों ने साजिशपूर्वक शीर्ष नेतृत्व को गुमराह कर मेरे खिलाफ यह कार्रवाई कराई है। मैं शीर्ष नेतृत्व के लगातार संपर्क में हैं और अपना पक्ष पूरी मजबूती के साथ रखूंगा। पार्टी का आदेश सिर-माथे पर है। जितनी लगन और निष्ठा से मैं पहले पार्टी के लिए काम कर रहा था, अब उससे ज्यादा निष्ठा से काम करुंगा।
विज्ञापन

-डॉ. चंद्रशेखर रावल, पूर्व जिला महामंत्री भाजपा
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें