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बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के नाम पर फर्जीवाड़ा

Sat, 01 Apr 2017 12:05 AM IST
अमर उजाला, हाथ्ारस
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beti bachao beti padhao
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विधानसभा चुनाव में मतदान से ठीक पहले केंद्र सरकार के नारे बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ के नाम पर हुए फर्जीवाड़े की गूंज प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंच गई है। पीएमओ ने इस मामले में सख्ती दिखाते हुए योजना के नाम पर वसूली करने वालों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने को कहा है। जिले के हर थाने में आरोपियों के विरुद्ध दर्ज किया गया है। पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस के निशाने पर वह बुकसेलर भी हैं, जिन्होंने कथित योजना के फर्जी फार्म बेचकर लाखों रुपये कमाए।
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दरअसल, चुनाव प्रचार के दौरान एक अफवाह फैलाई गई थी कि केंद्र सरकार ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ नाम से एक योजना शुरू की है। इस योजना के तहत स्नातक पास छात्राएं अपना फार्म भरकर तय तारीख तक प्रधानमंत्री कार्यालय को भेज दें। योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को दो लाख रुपये मिलेंगे। अफवाह की शिकार छात्राओं ने बड़ी संख्या में यह फार्म भरकर पीएमओ भेज दिए। जिले से कुल 871 फार्म पीएमओ पहुंचे। मुख्य डाकघर पर फार्म जमा करने वाली सैकड़ों छात्राओं के पहुंचने के कारण डाकघर पर पुलिस तैनात करनी पड़ी थी।

दो दिन तक सदर कोतवाल सूर्यकांत द्विवेदी ने माइक से यह एनाउंसमेंट भी किया था कि ऐसी कोई योजना नहीं है और छात्राएं अफवाह का शिकार नहीं हों। लेकिन बावजूद इसके भीड़ कम नहीं हुई। आपाधापी में सैकड़ों छात्राएं फार्म भरने से रह गईं और कई की रजिस्ट्री नहीं हो सकी। पुलिस ने एहतियातन कुछ बुक सेलरों को भी हिरासत में ले लिया जिन्होंने इस योजना के फार्म 50 रुपये से लेकर 200 रुपये तक में बेचे और लाखों रुपये कमा लिए। हालांकि बाद में इन बुकसेलरों को हिदायत देकर छोड़ दिया गया।
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यही फार्म पीएमओ कार्यालय पहुंचे तब प्रधानमंत्री कार्यालय को योजना के नाम पर फर्जीवाड़े का पता चला। इस फर्जीवाड़े को केंद्र सरकार की साख को बट्टा लगाने की कोशिश मानते हुए फर्जीवाड़े की चपेट में आए हर जिले के कप्तान को मुकदमा दर्ज कराने को कहा गया। जिले से पीएमओ पहुंचे कुल 871 फार्म में से सबसे ज्यादा हाथरस जंक्शन थाना क्षेत्र से हैं। यहां से 600 से ज्यादा छात्राओं ने आवेदन किए। वहीं सदर कोतवाली क्षेत्र से 21, थाना हाथरस गेट क्षेत्र से 22 छात्राओं ने आवेदन किया। इस मामले में हर थाने में धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

छात्राओं को गुमराह करने वाले शरारती तत्वों की जांच की जाएगी। यह पता किया जाएगा कि किस तरह किसने यह अफवाह फैलाई और किन लोगाें ने फर्जी योजना के फार्म बेचे। जांच के दायरे से छात्राओं को बाहर रखा जाएगा।
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- दिलीप कुमार, एसपी हाथरस
 
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