शहीद जवान जवाहर सिंह प्रतिमा से गले लगकर रोतीं बहन बीरमती देवी। संवाद
- फोटो : Samvad
रक्षाबंधन पर जहां हर घर में बहनों के चेहरों पर भाइयों को तिलक कर रक्षासूत्र बांधने की खुशी थी वहीं सरहदों पर तैनात जवानों को अवकाश न मिल पाने से उनकी बहनों के चेहरों पर उदासी छाई रही। सुबह से निर्जला व्रत रखे इन बहनों ने नेटवर्क मिलने पर अपने सैनिक भाइयों से वीडियो कॉल पर बात की और उनकी आरती उतारी, इसके बाद ही अन्न-जल ग्रहण किया। भाइयों ने भी वादा किया कि जल्द ही अवकाश लेकर घर आएंगे और अपनी प्यारी बहना के हाथों से राखी बंधवाएंगे। वहीं ग्राम पंचायत कजरौठी के मजरा अलिया पहुंचकर बीरमती ने अपने बलिदानी भाई की प्रतिमा पर राखी बांधी...।
बलिदानी भाई की प्रतिमा से लिपटकर फफक पड़ीं बीरमती
अलिया गांव जवाहर सिंह वर्ष 2007 में मुठभेड़ में सात नक्सलियों को ढेर करने के बाद बलिदान हो गए थे, लेकिन बीरमती देवी के लिए उनका भाई प्रतिमा के रूप में ही सही आज भी मायके में मौजूद है। हर साल की तरह शुक्रवार को भी वह अपनी ससुराल इगलास से मायके अलिया पहुंचीं। बलिदानी भाई जवाहर सिंह की प्रतिमा पर उन्होंने रक्षासूत्र बांधा और फिर प्रतिमा से लिपटकर फफक पड़ीं। यह देखते ही परिजन के साथ ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। उन्होंने बीरमती देवी को ढाढ़स बंधाया।
दोपहर तक निर्जला व्रत रहीं वर्षा
अलिया गांव में ही देशवाल मोहल्ले के निवासी हवलदार देवेंद्र सिंह इस जम्मू-कश्मीर में तैनात हैं। भाई ने रक्षाबंधन पर घर आने का वादा किया था लेकिन अवकाश नहीं मिल सका। बहन वर्षा दोपहर तक निर्जला व्रत रहीं। दोपहर में वीडियो कॉल पर भाई से बात हो सकी तब उन्होंने वीडियो कॉल पर ही भाई की आरती उतारी और मोबाइल स्क्रीन पर भाई के माथे पर तिलक किया। इस पर देवेंद्र सिंह भावुक हो उठे। बहन से जल्द घर आकर राखी बंधवाने का वादा किया। इसके बाद वर्षा ने अन्न-जल ग्रहण किया।
नगीना ने भी वीडियो कॉल भाई को तिलक किया
कजरौठी गांव निवासी ओंकार सिंह जम्मू-कश्मीर में तैनात हैं। उनकी बहन नगीना ने वीडियो कॉल कर भाई को तिलक किया। आरती उतारी और भाई की लंबी उम्र की प्रार्थना की। नगीना ने बताया कि उन्होंने देश सेवा के प्रति पूरी लगन और समर्पण के साथ अपना कर्तव्य निभाने का भाई से वचन लिया। बातचीत के दौरान दोनों भाई-बहन भावुक हो गए।