प्रदेश के औद्योगिक विकास की सटीक मैपिंग और आर्थिक विश्लेषण के लिए अब औद्योगिक उत्पादन सूचकांक का आधार वर्ष बदल दिया गया है। शासन के निर्देशानुसार अब वर्ष 2011-12 के स्थान पर 2022-23 को नया आधार वर्ष माना जाएगा। इस संबंध में जिलाधिकारी अतुल वत्स ने जनपद के सभी चयनित कारखाना स्वामियों को उत्पादन विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए हैं।
डीएम ने कहा है कि भारत सरकार के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के मार्गदर्शन में यह परिवर्तन किया जा रहा है। नए आधार वर्ष 2022-23 के अनुसार जिले के चयनित कारखानों का मासिक और वार्षिक उत्पादन विवरण तैयार किया जाएगा। इसके लिए जिले में 14 कारखानों का चयन किया गया है, जिनसे नियमित डेटा मांगा गया है।
माह अप्रैल 2022 से मार्च 2026 तक का पिछला डेटा 30 अप्रैल 2026 तक अनिवार्य रूप से जमा करना होगा। माह अप्रैल 2026 से आगे का नियमित मासिक डेटा अगले महीने की सात तारीख तक (अधिकतम 15 दिन के भीतर) उपलब्ध कराना होगा। यह डेटा हार्ड कॉपी के साथ-साथ सॉफ्ट कॉपी (एक्सेल शीट) में भी देना होगा।
शासन ने स्पष्ट किया है कि कारखानों द्वारा उपलब्ध कराए गए ये आंकड़े पूर्ण रूप से गोपनीय रखे जाएंगे और इनका उपयोग केवल सांख्यिकीय कार्यों के लिए किया जाएगा। यदि कोई इकाई बंद या अक्रियाशील है, तो उसकी पुष्टि के लिए भी सूचना देना अनिवार्य है।