यूनाईटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर त्वरित एवं शीघ्र वेतन पुनरीक्षण समझौता करने, वेतन में पर्याप्त व सेवाशर्तों में सुधार तथा स्केल सात तक अधिकारियों के लिए वेतन पुनरीक्षण समझौते की मांगों को लेकर राष्ट्रीयकृत बैंकों के सभी अधिकारी और कर्मचारी बुधवार को हड़ताल पर रहे। बैंक कर्मियों ने मांगो को लेकर बैंक ऑaफ बड़ौदा की मुख्य शाखा पर प्रदर्शन किया गया।
यूपी बैंक इंपलाईज यूनियन के प्रांतीय सहायक महामंत्री एवं फोरम के जिला संयोजक बीएस जैन ने कहा कि बैंक कर्मियों का वेतन समझौता अक्तूबर 2017 को समाप्त हो गया। आईबीए ने 15 बार वार्ता तो की, परंतु वेतन वृद्धि का प्रस्ताव नहीं दिया। पांच मई 2017 को पहली बार 31 मार्च 2017 के वेतन बिल पर दो प्रतिशत वेतन वृद्धि का प्रस्ताव दिया, जिसे संगठन ने अस्वीकार कर दिया और आंदोलन का निर्णय लिया। मुख्य श्रमायुक्त की कार्यप्रणाली सकारात्मक थी, लेकिन आईबीए के अडिय़ल रूख के कारण बैंककर्मियों को हड़ताल पर जाना पड़ा है। भारत में बैंककर्मियों के आंदोलन को कई देशों के बैंक कर्मचारी संगठनों ने अपना समर्थन दिया है। इन दो दिनों की हड़ताल बैंक कर्मियों के भविष्य की रूप रेखा का निर्धारण करने में अहम भूमिका निभाएगी।
इस हड़ताल में बैंककर्मियों की सक्रिय सहभागिता आगामी रणनीति को तय करने का आधार बनेगी। हाथरस जिले में आज की हड़ताल को पूरी तरह से सफल रही। अविनाश अरोरा ने कहा कि बैंक कर्मियों की एकजुटता ही आंदोलन को सफल बनाएगी। एनसीबीई के साथी रघुनंदन अरोरा ने कहा कि दो दिनों की सफल हड़ताल आईबीए एवं सरकार को हिला देगी। आयबाक के साथी ओंकार सिंह ने कहा कि सभी बैंकों ने सकल परिचालन लाभ दिया है, खराब ऋणों के लिए अधिक प्रावधान कर यह कहना कि बैंकों की हालत ठीक नहीं है, उचित नहीं है। इस मौके पर वीके शर्मा, राकेश वर्मा, डीसी गुप्ता, ओमप्रकाश, सत्येंद्र कुमार, अनेक सिंह, रघुनंदन अरोरा, पीएस रावत, अरूण कुमार वर्मा, सत्येंद्र नारायण, सत्यप्रकाश मिश्रा, आलोक अरोरा, नन्नूमल, अजब सिंह, अशोक शर्मा, राजेंद्र सिंह, हिमांशु शर्मा, अनूप सिंह, सुमित गुप्ता, रामहरी शर्मा, दिव्या सैनी, नागेंद्र सिंह, मयूर माहेश्वरी, लोकेश तिवारी, अनूप कुमार, भजन लाल, ओमप्रकाश, यतेश गर्ग, संजय जैन, शैलेंद्र तोमर, उमाशंकर जैन आदि थे।