फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बैंकों के काउंटर्स पर भीड़, एटीएम पर कतारें

Mon, 26 Dec 2016 11:43 PM IST
अमर उजाला, हाथरस
विज्ञापन
सिंडीकेट बैंक की नई कलेक्ट्रेट शाखा पर लगी भीड़। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
दो दिन की छुट्टी के बाद सोमवार को खुले बैंकों की शाखाओं में नकदी निकासी के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी। एटीएम से नकदी निकालने के लिए लोगों की लंबी कतारें लगी रहीं। कई एटीएम पर लोगों को नकदी नहीं मिल सकी। जिन एटीएम में कैश था, वहां कई लोगों का नंबर नकदी निकालने के लिए नहीं आ सका। 
विज्ञापन


बैंक शाखाओं में शनिवार और रविवार का अवकाश रहा था। एटीएम में रुपये न होने के कारण लोग निकासी के लिए तरस गए। सोमवार को जब बैंक शाखाएं खुलीं तो उनमें लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। बैंक में काउंटर्स की संख्या बढ़ा दिए जाने के बाद भी शाम तक लोग नकद निकासी के लिए जूझते रहे।

आम लोगों के अलावा कारोबारी भी बैंक में लेनदेन के लिए पहुंचे। कई बार तो बैंक कर्मियों से लोगों की नोकझोंक भी हुई। कई बैंकों में कैश खत्म होेने की समस्या का सामना भी लोगों ने किया। शहर के कलेक्ट्रेट स्थित सिंडिकेट बैंक, घंटाघर के पास स्थित स्टेट बैंक, मधुगढ़ी स्थित पंजाब नेशनल बैंक, चक्की बाजार स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा सहित कई अन्य बैंकों में लोगों की काफी भीड़ रही।
विज्ञापन


इसके अलावा मधुगढ़ी स्थित पंजाब नेशनल बैंक के एटीएम, विजया बैंक की सादाबाद गेट शाखा के एटीएम पर लोगों ने नकद निकासी को कतारें लगाईं। इधर, अलीगढ़ रोड स्थित एक्सिस बैंक के एटीएम, स्टेट बैंक की मुख्य शाखा का एटीएम, अलीगढ़ रोड स्थित बैंक ऑफ इंडिया का एटीएम, केनरा बैंक का एटीएम, सेंट्रल बैंक का एटीएम, मंडी समिति स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का एटीएम, चिंताहरण रोड स्थित सेंट्रल बैंक का एटीएम, बस स्टेंड के निकट स्थित एचडीएफसी बैंक के एटीएम बंद रहे। इनमें से अधिकांश एटीएम खराब अवस्था में थे। खराब एटीएम के कारण लोगों में आक्रोश था। इन एटीएम की वजह से ही लोग एक से दूसरे एटीएम पर चक्कर काटते रहे। 

वहीं नोटबंदी की खामियों के विरोध में उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने सोमवार को पीएम नरेंद्र मोदी के नाम डीएम को ज्ञापन सौंपा। संगठन के शहर अध्यक्ष मदनमोहन, जिलाध्यक्ष राधेश्याम अग्रवाल और जिला महामंत्री मनोज कुमार राया वालों ने ज्ञापन में मांग की कि बैंक से निकासी की सीमा समाप्त की जाए।   व्यापारियों की उधारी डूबने की दशा में केंद्र सरकार क्षतिपूर्ति की व्यवस्था करे। बैंक में 500 के नोटों की आपूर्ति बढ़ाई जाए। पुराने नोट जमा करने की अंतिम तिथि 30 दिसंबर से बढ़ाकर 30 जनवरी तक की जाए। साइबर अपराधों का निस्तारण करने के लिए सख्त कानून बनाए जाएं। जो धन पुराने नोटों के रूप में चालू खाते में 15 लाख रुपये तक जमा कराया गया है, उनसे आयकर विभाग कोई पूछताछ न करे। कैशलेस व्यवस्था जबरदस्ती न थोपी जाए। इसके लिए पूरे देश में जनता को प्रशिक्षित किया जाए। इसे सफल बनाने के लिए इसके प्रयोग के चार्ज को समाप्त किया जाए। सभी राजनीतिक दलों पर भी आयकर कानून को लागू किया जाए। नोट निकालने के लिए लाइन में खड़े होने वाले मृतकों के परिवारों को केंद्र सरकार की तरफ से 10 लाख का मुआवजा दिया जाए। 2000 रुपये के नोट के स्थान पर एक हजार रुपये का नोट चलाया जाए। बाजार में बैंक द्वारा जारी रेजगारी के 10, 5, 2 व एक के सिक्के बैंक में जमा करने के निर्देश जारी किए जाएं। इस मौके पर मोहनलाल अग्रवाल, अशोक कुमार रंग वाले आदि मौजूद थे।
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें