ट्राइसाइकलाजोल, ब्रुप्रोफिजेन, एसीफेट, क्लोरापाइरीफॉस, हैक्साकोनोजोल, प्रोपिकोनाजोल, थायोमेथाकसाम, प्रोफेनेफॉस, इमिडाक्लोप्रिड, कार्बेणडाजिम पर प्रतिबंध लगाया गया है।
वर्ष 2020-21 की तुलना में वर्ष 2021-22 में बासमती चावल के निर्यात में 15 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसे लेकर उत्तर प्रदेश की विरासत बासमती उपज को बचाने और अन्य देशों को बासमती चावल के बाधा मुक्त निर्यात के लिए 10 कीटनाशकों पर शासन ने प्रतिबंध लगाया है। इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी ने भी आदेश जारी कर दिया है।
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हाथरस जिले में 25 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की फसल होती है। इसमें से करीब 24 हजार हेक्टेयर में धान की बासमती की प्रजाति का उत्पादन किया जाता है। अब शासन ने हाथरस सहित 30 जिलों में 10 कीटनाशकों की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है।
जिला कृषि अधिकारी आरके सिंह ने बताया कि अनुसूची में वर्णित कीटनाशकों के सभी प्रकार के फार्मूलेशन की बिक्री, वितरण और प्रयोग को प्रतिबंधित कर दिया गया है, गुणवत्तायुक्त बासमती चावल के निर्यात में वृद्धि की जा सके।
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उन्होंने बताया कि ट्राइसाइकलाजोल, ब्रुप्रोफिजेन, एसीफेट, क्लोरापाइरीफॉस, हैक्साकोनोजोल, प्रोपिकोनाजोल, थायोमेथाकसाम, प्रोफेनेफॉस, इमिडाक्लोप्रिड, कार्बेणडाजिम पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इन रसायनों की बिक्री करते हुए पाए जाने की स्थिति में संबंधित विक्रेता पर कार्रवाई की जाएगी।