एडीजे कोर्ट प्रथम ने दहेज हत्या के एक गंभीर मामले में आरोपी पति की दूसरी जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। विवाहिता की शादी के सात वर्ष के भीतर संदिग्ध हालात में जलने से मौत हुई थी।
लक्ष्मी देवी ने सासनी कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए कहा था कि उनकी बेटी मनी की शादी 26 मई 2021 को सासनी के गांव लोहर्रा निवासी प्रदीप उर्फ सागर के साथ हुई थी। आरोप था कि शादी के एक साल बाद से ही पति प्रदीप और जेठ अतिरिक्त दहेज के रूप में पल्सर मोटरसाइकिल के लिए उनकी बेटी को प्रताड़ित करते थे।
आरोप है कि 22 जनवरी 2026 की शाम को अपने परिवार के साथ मिलकर पति प्रदीप उर्फ सागर ने मनी के ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगा दी, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गई। गंभीर हालत में उसे दिल्ली रेफर कर दिया गया था। 31 जनवरी 2026 को सफदरजंग अस्पताल में उसकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जमानत के लिए प्रदीप ने न्यायालय में याचिका दाखिल की। अदालत ने दोनों पक्षों के तर्कों और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन किया। अपराध की गंभीरता और मामले के तथ्यों को देखते हुए कोर्ट ने आरोपी पति की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया। संवाद