लंबे समय से पारिवारिक विवादों को लेकर चरचा में रहे बेसिक शिक्षा विभाग के बाबू प्रेमपाल सिंह को अब अपनी पत्नी को भरण-पोषण राशि के 8 हजार रुपये मासिक का भुगतान करना होगा। इस संबंध में प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय ने निर्णय करते हुए बीएसए को इस धनराशि को बाबू के वेतन से प्रतिमाह पत्नी के खाते में भेजे जाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
ज्ञात रहे कि नगर शिक्षा अधिकारी हाथरस के कार्यालय में तैनात बाबू प्रेमपाल सिंह विभाग में लंबे समय से चर्चाओं का कारण बने रहे हैं। वह कई बार अपने कार्यों से विभाग की फजीहत करा चुके हैं। आए दिन उनकी पत्नी कुसमा नगर शिक्षा अधिकारी कार्यालय में आकर एवं बीएसए कार्यालय पहुंचकर उनके द्वारा परिवार का ध्यान न रखे जाने एवं किसी दूसरी महिला के प्रेम जाल में फंसे होने के आरोप लगाती रही है। इतना ही नहीं कई बार उनके बीच मारपीट और गाली-गलौज आदि की घटनाएं भी हुई। उनके वैवाहिक संबंधों से एक दो नहीं पांच बच्चे भी बताए जाते हैं।
बाबू को बीते त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ब्लॉक सहपऊ में चुनाव ड्यूटी के दौरान अत्यधिक शराब का सेवन करने के आरोप में तत्काली जिला निर्वाचन अधिकारी शमीम अहमद ने निलंबित भी किया था। पारिवारिक रिश्ते में समझौता न होने के कारण बाबू की पत्नी कुसमा परिवार न्यायालय पहुंची। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुना। लेकिन आपसी सुलह की गुंजाइश खत्म होने के बाद अब बाबू प्रेमपाल के वेतन से आठ हजार रुपये मासिक गुजारा भत्ता दिए जाने के आदेश जारी किए हैं।
न्यायालय के आदेश प्राप्त हो गए हैं। बाबू प्रेमपाल के वेतन से 8 हजार रुपये मासिक कटौती कर उसकी पत्नी को दिए जाने के लिए एओ को निर्देश जारी किए जा रहे हैं।
-रेखा सुमन, बीएसए