मथुरा रोड पर दो एकड़ क्षेत्रफल में बना ऑटोमेटेड व्हीकल फिटनेस सेंटर अब संचालन के लिए तैयार हो चुका है। इसके लिए शासन की स्वीकृति मिलने का इंतजार है। केंद्र सरकार की संस्था आईसेट द्वारा सेंटर का विस्तृत सर्वेक्षण पूरा किया जा चुका है। निरीक्षण में यहां लगीं मशीनों, तकनीकी संरचना, सुरक्षा मानक व संचालन प्रणाली को परखा गया।
करीब चार करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुए इस सेंटर में कुल 15 हाईटेक मशीनें लगाई गई हैं। इनकी मदद से हेडलाइट फोकस, धुआं उत्सर्जन स्तर, ब्रेक टेस्ट, सस्पेंशन टेस्ट, बॉडी कंडीशन, प्रदूषण स्तर, व्हील अलाइनमेंट, शोर स्तर आदि की जांच पूरी तरह स्वचालित तरीके से की जाएगी।
आईसेट द्वारा सर्वे पूरा किए जाने के बाद मथुरा रोड पर मुरसान के निकट तैयार किए गए आधुनिक ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर को अब संचालन के लिए पूरी तरह तैयार माना जा रहा है। यह जिले का पहला ऐसा अत्याधुनिक वाहन फिटनेस सेंटर होगा, जहां वाहनों की जांच पूरी तरह मशीनों के माध्यम से की जाएगी।
इससे वाहन स्वामियों के न केवल समय की बचत होगी, बल्कि फिटनेस जांच पूरी तरह पारदर्शी, त्वरित और सुरक्षित तरीके से पूरी होगी। आरआई राहुल शर्मा ने बताया कि शासन स्तर से अंतिम स्वीकृति मिलते ही सेंटर का संचालन प्रारंभ कर दिया जाएगा, जिससे जिले के हजारों वाहन स्वामियों को बड़ी सुविधा मिलेगी।
अब नहीं होगी लंबी प्रक्रिया और मैनुअल जांच
अभी तक वाहन स्वामी फिटनेस जांच के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के बाद एआरटीओ कार्यालय पहुंचते हैं, जहां अधिकारी मैनुअल जांच कर फोटो आदि अपलोड करते हैं और बाद में फिटनेस प्रमाणपत्र जारी होता है। इस प्रक्रिया में समय भी अधिक लगता है और वाहन स्वामियों को कई बार कतार में लगना पड़ता है।
नए सेंटर के शुरू होने के बाद यह होगी व्यवस्था
1. वाहन स्वामी ऑनलाइन आवेदन करके स्लॉट बुक करेंगे।
2. निर्धारित समय पर वाहन सेंटर पर ले जाना होगा।
3. सभी जांच मशीनों द्वारा कुछ ही मिनटों में पूरी कर दी जाएंगी।
4. रिपोर्ट स्वचालित रूप से पोर्टल पर अपलोड हो जाएगी।