जिले में एंटी रेबीज वैक्सीन (एआरवी) का स्टॉक काफी कम है। रिजर्व में बचाई गईं वॉयल से काम चलाया जा रहा है। जिला अस्पताल में बुधवार को मात्र 10 वॉयल ही मिलीं, जिनमें से 50 लोगों को इंजेक्शन लगाए जा सके, जबकि करीब 75 मरीज पहुंचे थे। बाकी 25 मायूस होकर लौट गए। कक्ष के बाहर एआरवी खत्म होने की जानकारी चस्पा कर दी गई है।
इस तरह कुत्ते व बंदरों के हमले में घायल हो रहे लोगों पर दोहरी मार पड़ रही है। एक तरफ खूंखार जानवरों से बचाव की कोई व्यवस्था नहीं है और अब उपचार में भी बाधा उत्पन्न हो गई है।
चंदपा क्षेत्र के गांव गुमानपुर निवासी विजय कुमार अपने पांच साल के बेटे के साथ बुधवार की सुबह जिला अस्पताल के कमरा नंबर 16 में पहुंचे। उन्हें देखते ही स्टाफ ने तपाक से कहा कि इंजेक्शन खत्म हो गए हैं.. दो दिन बाद आना। परेशान विजय ने गुहार लगाई तो स्टाफ ने अपनी मजबूरी बताई। इसके बाद वे निराश होकर लौट गए।
विजय ने बताया कि सोमवार की शाम को बेटे को कुत्ते ने काटा था। मंगलवार को भी अस्पताल आए थे, लेकिन इंजेक्शन नहीं थे। बुधवार को भी यही हुआ, जबकि 24 घंटे में पहली डोज लग जानी चाहिए थी। इसी तरह नगला चौबे की निवासी विमलेश के चार साल के बेटे पर मंगलवार को बंदर ने हमला कर दिया। बच्चे की पीठ पर बंदर ने काटा था। विमलेश ने बताया कि इंजेक्शन होने के कारण कक्ष तीन से ही वापस कर दिया गया।
रोजाना लगते हैं 120 से 150 एआरवी
जिला अस्पताल में रोजाना 120 से 150 लोगों को एंटी रेबीज वैक्सीन लगाई जाती है। ओपीडी के समय से अतिरिक्त 24 घंटे में 15 से 20 लोग इमरजेंसी में पहुंचते हैं। एक वॉयल में एक एमएल दवा होती है। उम्र के अनुसार 0.1 से 0.2 एमएल दवा इंजेक्शन के जरिये त्वचा में लगाई जाती है। एक वॉयल में पांच से छह लोगों को दवा लगती है। इस अनुपात में जिला अस्पताल में रोजाना 30 से 35 वॉयल की खपत है, जबकि बुधवार को स्टाफ पर केवल 10 वॉयल ही थीं। इस कारण दोपहर 11.30 बजे के बाद आने वाले अधिकतर लोगों को वापस जाना पड़ा। जिला अस्पताल को मंगलवार को 50 वॉयल मिली हैं, जिन्हें हिसाब से प्रयोग किया जा रहा है।
सीएचसी व पीएचसी पर भी सन्नाटा
सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी एआरवी लगाई जाती है। सिकंदराराऊ, सादाबाद व सासनी सीएचसी पर रोजाना 20 से 30 लोगों को एआरवी लगने का औसत है। बुधवार को ग्रामीण क्षेत्रों में भी एआरवी नहीं लग सकीं।
वेयर हाउस से ही थमी सप्लाई
वैक्सीन सप्लाई के लिए प्रदेश में सीरम इंस्टीट्यूट को नया टेंडर मिला है। इस कारण प्रदेशभर में सप्लाई प्रभावित बताई जा रही है। जिले के वेयर हाउस से 23 हजार वैक्सीन का ऑर्डर 15 दिन पहले लग चुका है लेकिन अभी तक सप्लाई नहीं हो सकी है। इसके लिए अधिकारी लगातार शासन में संपर्क बनाए हुए हैं। वेयर हाउस में वर्तमान में केवल 10 वॉयल ही शेष रह गई हैं।
पिछले कुछ दिनों से वेयर हाउस से ही आपूर्ति प्रभावित है। पहली डोज वाले मरीजों को एआरवी लगाई जा रही है। बुधवार को भी एआरवी लगाई गई हैं। दो से तीन दिन में नया स्टॉक आने की उम्मीद है।
-डॉ. सूर्यप्रकाश, सीएमएस