न्यायालय ने एआरटीओ को नोटिस जारी करते हुए कहा है कि पहले ही उनसे आख्या आहूत की गई थी कि किस माह तक के चालान न्यायालय में पेश किये गये हैं। इसके बावजूद एआरटीओ ने स्पष्ट आख्या न्यायालय में प्रस्तुत नहीं की। न्यायालय ने इसे अत्यंत आपत्तिजनक माना है।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संजीव कुमार त्रिपाठी के न्यायालय ने सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी द्वारा जुलाई 2023 के बाद चालान न्यायालय में नहीं भेजने पर नाराजगी जाहिर की है। न्यायालय ने इस बाबत एआरटीओ को 8 नवंबर यानी आज व्यक्तिगत रूप से तलब कर लिया है।
विज्ञापन
न्यायालय ने एआरटीओ को नोटिस जारी करते हुए कहा है कि पहले ही उनसे आख्या आहूत की गई थी कि किस माह तक के चालान न्यायालय में पेश किये गये हैं। इसके बावजूद एआरटीओ ने स्पष्ट आख्या न्यायालय में प्रस्तुत नहीं की। न्यायालय ने इसे अत्यंत आपत्तिजनक माना है।
न्यायालय ने नोटिस में कहा है कि एआरटीओ द्वारा जुलाई 2023 के बाद माहवार कितने चालान किये गये हैं एवं उसके उपरांत कितने चालान न्यायालय में प्रेषित किये गये हैं। जुलाई 2023 के बाद के चालान अभी तक न्यायालय में प्रेषित क्यों नहीं किये गये हैं। यह न्यायालय के क्षेत्राधिकार में हस्तक्षेप की स्थिति है। यह कृत्य न्यायालय की अवमानना की श्रेणी में आता है। चालान की बिंदुवार एवं माहवार आख्या न्यायालय में आठ नवंबर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर प्रस्तुत किया जाना सुनिश्चित करें।
विज्ञापन
न्यायालय ने कहा है कि एआरटीओ व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर इस संबंध में अपनी स्थिति आठ नवंबर को स्पष्ट करें यदि इसमें किसी प्रकार की कोताही बरती जायेगी तो यह न्यायालय की अवमानना मानी जाएगी। उनके खिलाफ न्यायालय अवमानना की कार्रवाई अमल में लाएगा।