फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

परीक्षार्थियों की शिफ्टिंग में विभाग की मनमानी

Sun, 10 Jan 2016 11:34 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट के बोर्ड परीक्षा केंद्र निर्धारण में जिला परीक्षा समिति की मनमानी परीक्षार्थियों पर भारी पड़ने वाली है। जिले में परीक्षा केंद्र निर्धारण ही नहीं, बल्कि परीक्षार्थियों की शिफ्टिंग में भी विभागीय अफसरों ने मनमानी की हद कर दी है। कई परीक्षार्थियों के परीक्षा केंद्र इतनी दूरी पर बनाए गए हैं कि उनके लिए हर दिन तक परीक्षा के समय तक पहुंचना बेहद मुश्किल होगा या फिर परीक्षा के दिन उन्हें जरूरत से ज्यादा जल्दी दौड़ लगानी पड़ेगी। बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों के परीक्षा केंद्र उनके स्कूलों से भी 14-15 किमी दूर तक बनाने की जानकारी मिली है।ऐसे में परीक्षा के दौरान पुलिस-प्रशासन के लिए शांति व्यवस्था कायम रखना बड़ी चुनौती साबित हो सकती है। 
विज्ञापन

एक सत्र पर ही बनाया परीक्षा केंद्रसूत्र बताते हैं कि सादाबाद ब्लॉक के एक विद्यालय को एक सत्र के बाद ही मानक के विपरीत परीक्षा केंद्र बना दिया गया है, जबकि परीक्षा केंद्र निर्धारण के लिए स्कूल के दो सत्र पूरा होना जरूरी है। परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों की शिफ्टिंग में भी बडे़ पैमाने पर मनमानी की गई है। परिषद की नीति के विपरीत परीक्षार्थियों की मनमाने तरीके से शिफ्टिंग कर दी गई हैं। नियमानुसार शिफ्टिंग का चार्ट फाइनल होने के बाद भी आज तक इसे नोटिस बोर्ड पर चस्पा नहीं कराया गया है।
झेलना पड़ सकता है हंगामाअगर यह शिफ्टिंग चस्पा होती है तो अधिकारियों को विद्यालय संचालकों का हंगामा झेलना पड़ सकता है। हालात यह हैं कि शहर के जिन स्कूलों के पास अपने पूरे संसाधन हैं, उन्हें 300 परीक्षार्थियों का केंद्र बनाया गया है, जबकि जिन वित्तविहीन स्कूलों के पास संसाधन नहीं हैं, उन पर 700-700 परीक्षार्थी थोप दिए गए हैं। 
विज्ञापन

पहले मना किया, फिर बना दिया सेंटरवित्तविहीन विद्यालय सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज सिकंदराराऊ के प्रबंधन ने विद्यालय की बाउंड्री टूटी होने एवं अन्य अव्यवस्थाओं का हवाला देकर परीक्षा केंद्र नहीं बनाने को प्रत्यावेदन दिया, लेकिन जिला परीक्षा समिति ने इसके विपरीत इस विद्यालय को परीक्षा केंद्र निर्धारित किया है, जबकि सिकंदराराऊ के एक विद्यालय को पहली सूची में यह कहते हुए परीक्षा केंद्र नहीं बनाया गया कि यह विद्यालय विद्यार्थियों का छात्रावास है, लेकिन फाइनल सूची में इस विद्यालय को शामिल कर दिया गया।
-परीक्षा केंद्रों का निर्धारण एवं परीक्षार्थियों की शिफ्टिंग मानक के अनुसार की गई है। अब भौगोलिक स्थिति के बारे में सभी की इच्छा पूरी नहीं की जा सकती।-जेके मलिक, डीआईओएस हाथरस
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें