2 फरवरी को प्रशिक्षु से पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए सीएमओ कार्यालय की वरिष्ठ लिपिक बबिता चौहान को अलीगढ़ एंटी करप्शन की टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। प्रकरण में कोतवाली हाथरस गेट में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, जिसकी विवेचना एंटी करप्शन की टीम कर रही है।
हाथरस सीएमओ कार्यालय में 19 फरवरी को एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम पूछताछ के लिए पहुंची। यहां टीम ने सीएमओ से काफी देर तक बात की। टीम के आने की जानकारी पर कर्मचारियों में खलबली मच गई। दो कर्मचारी कार्यालय छोड़कर ही चले गए। टीम ने पूछताछ के लिए उन्हें बुलाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं आए।
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2 फरवरी को प्रशिक्षु से पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए सीएमओ कार्यालय की वरिष्ठ लिपिक बबिता चौहान को अलीगढ़ एंटी करप्शन की टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। प्रकरण में कोतवाली हाथरस गेट में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, जिसकी विवेचना एंटी करप्शन की टीम कर रही है।
बृहस्पतिवार को तीसरी बार टीम कार्यालय पहुंची। जैसे ही टीम सीएमओ के कक्ष में गई, पीछे से दो कर्मचारी कार्यालय से खिसक गए। टीम ने सीएमओ से लगभग एक घंटे तक पूछताछ की। इसके बाद उन्हीं दोनों कर्मचारियों को पूछताछ के लिए बुलवाया गया, लेकिन वे नहीं मिले। फोन पर भी संपर्क साधा, लेकिन वे कार्यालय आने से बचते रहे। इनके अलावा एक और लिपिक टीम के रडार पर हैं। उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया, लेकिन वे भी छुट्टी पर बताए गए।
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दोपहर के बाद फिर से टीम सीएमओ कार्यालय पहुंची, फिर भी दोनों कर्मचारियों से पूछताछ नहीं हो सकी। सीएमओ से ही बात कर टीम वापस लौट गई। टीम के प्रभारी देवेंद्र ने बताया कि मामले में विवेचना के क्रम में टीम 19 फरवरी को सीएमओ कार्यालय पहुंची थी। कई लोग रडार पर हैं।