तमाम दावों के बावजूद परिषदीय विद्यालयों में छात्र संख्या नहीं बढ़ रही है। पिछले दिनों कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों के संबंध में शासन ने बीएसए से स्पष्टीकरण मांगा था। अब बीएसए ने 30 से कम छात्र संख्या वाले 139 विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों से जवाब तलब किया है।
जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के 1236 परिषदीय विद्यालय हैं। सरकार इन विद्यालयों में छात्र संख्या बढ़ाने के लिए निशुल्क शिक्षा से लेकर निशुल्क मध्याह्न भोजन तक उपलब्ध करा रही है। इसके बावजूद विद्यालयों में छात्र संख्या नहीं बढ़ रही है। शासन की सख्ती के बाद अब बीएसए ने भी इसे लेकर सख्ती बरतना शुरू कर दिया है। इस क्रम में बीएसए 25 जुलाई से प्रतिदिन अपने कार्यालय में ऐसे 15 विद्यालयों के प्रधानाध्यापक और शिक्षकों को बुलाकर छात्र संख्या कम होने का कारण जान रही हैं और इनको छात्र संख्या बढ़ाने के निर्देश दे रही हैं। इसके साथ शिक्षकों व प्रधानाध्यापकों से निपुण लक्ष्य पूर्ण करने की समय अवधि के संबंध में भी लिखित में लिया जा रहा है। बीएसए स्वाति भारती का कहना है कि कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को छात्र संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।