जानकारी होने पर मलेरिया विभाग और स्वास्थ्य विभाग की टीम युवक के साकेत कॉलोनी स्थित आवास पर पहुंचीं। टीम ने वहां शिविर लगाकर संक्रमित युवक के घर के आसपास के 30 लोगों के स्वास्थ्य की जांच की।
हाथरस जिले में धीरे-धीरे मलेरिया, डेंगू और वायरल बुखार का प्रकोप बढ़ रहा है। 24 अगस्त को एक और युवक के मलेरिया संक्रमित होने की पुष्टि हुई। स्वास्थ्य और मलेरिया विभाग की टीम युवक के घर पहुंचीं। आसपास के घरों में लोगों के स्वास्थ्य की जांच की। पांच बुखार के संदिग्ध मरीज मिलने पर उनके खून का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा गया है।
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अलीगढ़ रोड स्थित साकेत कॉलोनी निवासी 27 वर्षीय एक युवक की बीते कई दिनों से तबीयत खराब चल रही है। युवक सर्दी, जुकाम और बुखार से पीड़ित है। उसने नजदीकी चिकित्सक को दिखाकर इलाज भी कराया, लेकिन कोई आराम नहीं मिला। शुक्रवार को युवक बागला जिला अस्पताल इलाज कराने पहुंचा। चिकित्सक ने उसकी मलेरिया की जांच कराई। जांच में युवक के मलेरिया संक्रमित होने की पुष्टि हुई। युवक को इलाज के लिए बागला जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
शनिवार को इसकी जानकारी होने पर मलेरिया विभाग और स्वास्थ्य विभाग की टीम युवक के साकेत कॉलोनी स्थित आवास पर पहुंचीं। टीम ने वहां शिविर लगाकर संक्रमित युवक के घर के आसपास के 30 लोगों के स्वास्थ्य की जांच की। बुखार के पांच संदिग्ध मरीज मिले। टीम ने इन मरीजों के खून के नमूने लेकर जांच के लिए भेज दिए। लोगों को अपने घर और आसपास सफाई रखने के लिए भी कहा। बता दें कि जिले में मलेरिया संक्रमितों की संख्या अब बढ़कर चार से पांच हो गई है।
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जांच रिपोर्ट में एक युवक के मलेरिया संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। युवक का बागला जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। कॉलोनी में टीम भेजकर आवश्यक कार्यवाही कराई गई है। -डॉ. मनजीत सिंह, सीएमओ।
-तेज सिरदर्द, कमर दर्द, जोड़ों मांसपेशियों व आंखों के पीछे दर्द।
-त्वचा में चकत्ते, प्लेटलेट्स संख्या में कमी, जबड़ों व नाक से खून आना।
-कंपकंपी के साथ तेज बुखार आना।
-बहुत थकान।
-लगातार उल्टियां होना।
-बुखार उतरते समय पसीना-पसीना होना।
क्या करें
-कूलर की टंकी को सप्ताह में एक बार अवश्य साफ करें। दोबारा पानी भरने से पहले टंकी अच्छी तरह सुखा लें। जहां कूलरों की टंकी साफ करना संभव न हो, वहां कूलरों में एक-चक चम्मच डीजल, मिट्टी का तेल, टामीफास नियमित रूप से डालें।
-घर के आसपास पानी एकत्रित न होने दें। रुके हुए पानी के स्थानों को मिट्टी से भर दें। यदि यह संभव न हो तो कुछ बूंद मिट्टी का तेल या डीजल डाल दें। सोते समय मच्छरदानी व मच्छर भगाने की क्रीम का प्रयोग करें।
-दैनिक प्रयोग के लिए पानी इकट्ठा करने के बर्तन व पानी की टंकी ढककर रखें। एक सप्ताह से ज्यादा दिन तक पानी एकत्रित न रहने दें।
-चिड़ियों को पानी पिलाने वाले बर्तन को प्रतिदिन साफ कर दोबारा पानी भरें।
-गमलों, मनी प्लांट व फेंगशुई के पौधों का पानी सप्ताह में एक बार अवश्य बदलें।
-घर के समस्त कबाड़ जनित सामान, जिनमें जल एकत्र हो, उन्हें जल रहित कर दें।