साइबर थाना पुलिस ने पंजाब नेशनल बैंक के सहायक प्रबंधक से ठगी की घटना को अंजाम देने वाले गैंग के एक और सदस्य को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के कब्जे से पुलिस ने 12000 रुपये की नगदी, मोबाइल व लैपटॉप बरामद किया है। इस गिरोह के एक सदस्य को पूर्व में ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
17 फरवरी को एक व्यक्ति ने साइबर थाने में सूचना दी थी कि वह पंजाब नेशनल बैंक में सहायक प्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं। 27 फरवरी 2024 को उनके पास फोन अनजान व्यक्ति ने कॉल कर उसके पीएनबी मेटलाइफ टर्म प्लान में एजेंट कोड हटाने के लिए 25,000 रुपये भेजने के लिए कहा था। वह आरोपी के झांसे में आ गए और रुपये बताए गए खाते में भेज दिए। इसके बाद दोबारा फोन आया कि एक पॉलिसी ले लो, जिसमें 6000 रुपये प्रतिमाह मिलते रहेंगे।
इसके बाद उन्होंने फिर बताए गए खाते में रुपये डाल दिए। इसके बाद पॉलिसी की फाइल में कमी होने की बात कहकर बार-बार विभिन्न खातों में रुपये डलवाए गए। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज किया था। नौ मार्च को थाना साइबर अपराध पुलिस ने इस घटना का खुलासा करते हुए एक अभियुक्त बिकुल कुमार उर्फ सोनू निवासी नरमा धनुखी थाना हथौली जिला मुजफ्फरपुर बिहार हाल निवासी सिद्दार्थ विहार थाना अंकुर विहार लोनी जिला गाजियाबाद को गिरफ्तार किया था। सोमवार को पुलिस ने दूसरे सदस्य मोहम्मद फाजिल पुत्र शकील अनवर निवासी नूर नगर थाना रामनगर जिला फिरोजाबाद हाल निवासी वजीराबाद थाना वजीराबाद जिला नार्थ दिल्ली को रुहेरी तिराहा फ्लाई ओवर के नीचे से गिरफ्तार किया है।
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फर्जी आधार कार्ड से बैंक खाते खुलवाकर कराता था रुपये हस्तांतरित
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि आरोपी फर्जी आधार कार्ड से बैंक खाते खुलवाकर अपने साइबर कैफे की मदद से लोगों को थोड़े ही समय में रुपये दोगुना करने जैसे प्रलोभन देकर बैंक खातों में बड़ी रकम डलवा लेता था। इसके बाद नंबर बंद कर दिए जाते थे। आराेपी फर्जी प्रपत्रों पर सिम ले लेते थे। बैंक खाता भी खुलवा लेते थे। साइबर थाना पुलिस इस मामले एक और फरार आरोपी की तलाश कर रही है।