वृक्ष के पास स्थित खेत की नाली में छह वैक्सीन लावारिस अवस्था में मिलीं। देखने पता चला कि यह पशुओं में लगने वाले एचएस वैक की वैक्सीन है। राहगीरों ने इसकी जानकारी गोरक्षक संगठन के कार्यकर्ताओं को दी।
हसायन क्षेत्र के गांव अंडौली से 100 मीटर पहले सड़क से सटे एक खेत में 17 जुलाई को पशुओं में गलघोंटू रोग की रोकथाम के लिए लगाई जाने वाली छह वैक्सीन लावारिस हालत में मिलीं। सूचना पर पहुंची पशु चिकित्सा विभाग की टीम इस वैक्सीन को अपने साथ ले गई।
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17 जुलाई की दोपहर करीब एक बजे गांव अंडौली के निकट से कुछ राहगीर गुजर रहे थे। तभी पेट्रोल पंप के निकट दोपहर को बारिश होने के कारण वह पेट्रोल पंप से 100 मीटर की दूरी पर एक वृक्ष के नीचे खड़े हो गए। तभी उन्हें वृक्ष के पास स्थित खेत की नाली में छह वैक्सीन लावारिस अवस्था में मिलीं। देखने पता चला कि यह पशुओं में लगने वाले एचएस वैक की वैक्सीन है। राहगीरों ने इसकी जानकारी गोरक्षक संगठन के कार्यकर्ताओं को दी। कार्यकर्ताओं ने पशु चिकित्सक डाॅ. पीके सिंह को अवगत कराया।
करीब दो घंटे के बाद पशु चिकित्सा विभाग के पैरावेट अंकित जादौन व लोकेश कुमार मौके पर पहुंचे और इस वैक्सीन को अपने साथ ले गए। पशु चिकित्सा केंद्र के प्रभारी डॉ. पीके सिंह ने बताया कि उन्हें कुछ राहगीरों व गोरक्षकों से खेत की नाली में वैक्सीन पड़ होने की सूचना मिली थी। इस वैक्सीन को उठवाकर चिकित्सा केंद्र पर रखवा दिया गया है। मैंने क्षेत्र के पांच पशु मित्रों से जानकारी ली, लेकिन यह वैक्सीन इनमें से किसी की नहीं थी। यह वैक्सीन खेत में कैसे पहुंची, यह जांच का विषय है।