तालाब चौराहे पर प्रशासन की प्रतीकात्मक अर्थी फूंकते हुए नारेबाजी करतीं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां।
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अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहीं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां शनिवार को फिर सड़क पर उतरीं। शनिवार की सुबह से ही पुरानी कलेक्ट्रेट पर जमा हुईं इन कार्यकत्रियों ने तालाब चौराहे पर पहुंचकर जाम लगा दिया। यह कार्यकत्रियां प्रशासन की प्रतीकात्मक अर्थी लेकर निकली थीं, जिसे तालाब चौराहे पर नारेबाजी के बीच आग के हवाले कर दिया। करीब दो घंटे तक आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां चौराहे पर जमी रहीं, जिससे आगरा-अलीगढ़ और मथुरा-बरेली राजमार्गों पर दोनों तरफ वाहनों की कतारें लग गईं।
डीएम के आदेश पर सीडीओ जावेद अख्तर जैदी मौके पर पहुंचे और आक्रोशित कार्यकर्ताओं को आश्वस्त किया कि जिला स्तरीय सभी समस्याओं का एक सप्ताह में समाधान कराया जाएगा। शासन स्तर की समस्याओं को सीएम को संदर्भित करने का भरोसा दिलाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद जाम खत्म कर दिया गया। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा मांग की जा रही थी कि उनका मानदेय बढ़ाया जाए।
तालाब चौराहे पर लगाए गए जाम के दौरान आंगनबाड़ियाें ने लगातार नारेबाजी की। कार्यकत्रियों ने मानव शृंखला बनाकर सड़क पर बैठ गईं। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के हंगामे और जाम को देखते हुए शहर कोतवाल मनोज शर्मा, महिला थानाध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स मौके पर मौजूद रहा। इस दौरान पुलिस अधिकारियों और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के बीच कई बार तीखी नोक-झोंक भी हुई, जिससे वहां अच्छा-खासा हंगामा खड़ा हो गया। आंदोलन में जिले भर की कार्यकत्रियों ने सहभागिता की।
तालाब चौराहे पर जाम लगा रहीं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों जिस समय की सीडीओ से वार्ता चल रही थी, उसी समय सीएमओ दफ्तर पर धरना-प्रदर्शन कर रहीं आशा कार्यकत्री भी वहां पहुंच गईं। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने अपने आंदोलन में आने के लिए आशा कार्यकत्रियों के आने पर ऐतराज जताया। उनका कहना था कि संघर्ष की घड़ी में तो आशाएं उनसे दूर रहीं, लेकिन जब अधिकारियों से हमारा समझौता हो रहा है तो वह फायदा लेने के लिए आ गईं। अगर उन्हें सहयोग करना ही था तो पहले से ही आंदोलन में शामिल होना चाहिए था।
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा शहर के हृदयस्थल तालाब चौराहे पर जाम लगाने के बाद ट्रैफिक पुलिस ने भी मोर्चा संभाल लिया। तालाब रेलवे क्रॉसिंग को एहतियातन कुछ देर के लिए बंद करा दिया गया। बाईपास पर आगरा और अलीगढ़ रोड दोनों तरफ यातायात पुलिस कर्मियों को बिठाकर बाईपास होकर ट्रैफिक डायवर्जन शुरू करा दिया गया। हालांकि जो वाहन जाम लगने से पहले शहर के अंदर पहुंच गए थे, उन्हें जाम खुलने तक इंतजार करना पड़ा। सबसे ज्यादा मुश्किल रोडवेज बसों और अन्य वाहनों में सवार यात्रियों को उठानी पड़ी।