देशभर में हो रहे साइबर फ्रॉड से जिले के भी तार जुड़े हुए हैं। 14 राज्यों में 18 लोगों से हुई 1.34 करोड़ की ठगी की रकम यहां भी ट्रांसफर की गई थी। मुरसान स्थित एक म्यूल बैंक एकाउंट (ठगी की रकम मंगाने वाला खाता) में मात्र 1.82 लाख ठगी की रकम आई थी। रकम को इतने छोटे भागों में बांटा गया कि साइबर सेल को चकमा दिया जा सके, लेकिन एनसीआरपी पोर्टल व एआई तकनीक की बदौलत टीम अलीगढ़ पुलिस ने इस म्यूल खाते को पकड़ लिया और रिपोर्ट दर्ज कराई।
चौधरी ट्रेडिंग कंपनी के खाते में खप रही थी रकम
मुरसान की स्टेट बैंक शाखा में चौधरी ट्रेडिंग कंपनी के नाम से खाता संचालित है। इस फर्म के प्रोपराइटर रामगोपाल निवासी पटाखास कोरना, मुरसान हैं। अब पुलिस रामगोपाल की संलिप्तता से जांच की शुरूआत करेगी। अलीगढ़ पुलिस ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर आई शिकायतों के आधार पर बैंक खाते की कुंडली खंगाली, तो अधिकारियों के होश उड़ गए। इस अकेले खाते के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों से कुल 18 शिकायतें मिलीं। अलग लोगों से 1,34,02,377 रुपये ठगे गए, जिनमें से 1,82,210 रुपये खाते में ट्रांसफर कराए गए।
कॉल सेंटर की तर्ज पर ठगी की आशंका
साइबर सेल को आशंका है कि जिले में कॉल सेंटर संचालित कर देशभर में ठगी का यह जाल बिछाया गया है, इसलिए पुलिस रामगोपाल के कनेक्शन तलाशने में जुट गई है। पूर्व में भी हाथरस जिले से महाराष्ट्र, बिहार, मध्यप्रदेश, कर्नाटक व उत्तराखंड में लोगों से ठगी के मामले सामने आ चुके हैं। एनसीआरपी पोर्टल पर प्राप्त 18 शिकायतों में किसी को ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर ठगा गया है तो किसी को शॉपिंग के नाम पर। एस्ट्रोलॉजी के जरिये झांसा देकर भी लोगों से खातों में रकम डलवाई गई है। निवेश के नाम पर ईमेल स्पूफिंग आदि तरीकों से फ्रॉड किया गया है। इसमें सबसे बड़ा फ्रॉड बेंगलुरु सिटी से 84 लाख रुपये का है।
जल्द ही बड़े अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड गिरोह के पर्दाफाश होने की संभावना है। साइबर सेल ने जांच शुरू कर दी है। इस म्यूल एकाउंट से जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। डिजिटल फुट प्रिंट से आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। जिले में यदि संगठित साइबर अपराध करने वाला गिरोह है तो उसे सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
-चिरंजीवनाथ सिन्हा, एसपी