दाऊजी महाराज के 115वें लक्खी मेले के मुख्य पंडाल में शनिवार रात दर्शक हास्य रस में गोते लगा रहे थे। हंसी-ठहाकों का रंग चटक होता जा रहा था। तभी भीड़ में भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई। स्थिति नियंत्रण से बाहर होने पर पुलिस ने लाठियां भांजीं। इसके बाद हाय, उफ, अरे बाप रे, हटो, भागो, मुझे जाने दो की गूंज सुनाई देने लगी।
शुक्रवार रात लॉफ्टर शो का आयोजन था। मुख्य पंडाल में हरियाणवी स्टार गुलजार छानीवाला को देखने के लिए दर्शकों की भीड़ उमड़ी। कार्यक्रम में करीब 20 हजार लोग पहुंच गए। भीड़ के आगे सुरक्षा इंतजाम ऊंट के मुंह में जीरा साबित हुए। शो शुरू हुए करीब 20 मिनट ही हुए थे तभी सुरक्षा घेरे वाली बैरिकेडिंग टूट गई। युवाओं की भीड़ मंच की ओर बढ़ने लगी। सुरक्षाकर्मियों ने लोगों को रोकने का प्रयास किया लेकिन वे भी धक्का-मुक्की का शिकार हो गए। अंत में पुलिस को लाठियां चलाने के लिए मजबूर होना पड़ा। इसके बाद भगदड़ मच गई।
वीआईपी दीर्घा तक पहुंच गए थे दर्शक
आयोजकों के अनुसार बैरिकेडिंग टूटने के बाद भीड़ वीआईपी दीर्घा तक पहुंच गई थी। कुछ लोग मंच तक पहुंच गए थे लेकिन वे मंच पर चढ़ने में कामयाब नहीं हो सके। मुख्य कलाकार गुलजार छानीवाला को सुरक्षा घेरे में मंच से उतार कर सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। इसके बाद पुलिस ने शो समाप्त करने की घोषणा कर दर्शकों वापस जाने के लिए कहा। करीब दो घंटे पहले ही शो बंद हो गया।
होमगार्ड के पैर की हड्डी टूटी, आगरा रेफर
भगदड़ में एसडीएम के साथ ड्यूटी पर रहने वाले कछपुरा बिसाना निवासी होमगार्ड राम प्रकाश सहित कई अन्य पुलिसकर्मी घायल हो गए। एक्सरे में राम प्रकाश के पैर की हड्डी टूटने की पुष्टि हुई। उन्हें जिला अस्पताल से आगरा रेफर किया गया है। अन्य कई पुलिसकर्मियों को सामान्य चोटें आईं जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
इन वजहों से बिगड़ी व्यवस्था
भीड़ का अंदाज लगाने में पुलिस का खुफिया तंत्र पूरी तरह फेल साबित हुआ :
शुक्रवार रात सामान्य भीड़ के हिसाब से सुरक्षा बंदोबस्त किए गए थे। खुफिया तंत्र को अंदाज ही नहीं लगा कि गुलजार छानीवाला का युवाओं में कितना क्रेज है और कितने लोग आ सकते हैं। इसी चूक के कारण पूरा शो अव्यवस्था की भेंट चढ़ गया।
बैरिकेड्स पर तैनाती कम, वीडियो बनाने में मगन रहे जवान :
पंडाल की बैरिकेड्स पर पुलिसकर्मियों की संख्या बेहद कम थी। सुरक्षा में तैनात तमाम पुलिसकर्मी ड्यूटी छोड़ पंडाल में बैठकर कार्यक्रम देखने और मोबाइल से वीडियो बनाने में मगन दिखे। इसका फायदा मेला पंडाल के बाहर के युवाओं ने उठाया और इधर-उधर से कूद-फांद कर अंदर घुसते गए।
समय रहते नहीं उठाया कोई कदम :
पंडाल में क्षमता से ज्यादा भीड़ पहुंचने का अंदाज शो शुरू होने से पहले ही हो गया था। इसके बावजूद प्रवेश रोकने या भीड़ नियंत्रण के लिए अतिरिक्त सुरक्षा प्रबंध के लिए कदम नहीं उठाए गए।
आयोजकों में गुस्सा, दर्शकों में मायूसी
कार्यक्रम बंद होने के बाद आयोजकों में भारी गुस्सा दिखा। लाॅफ्टर शो के संयोजक सुंदरम शर्मा का कहना है कि कलाकारों को बुलाने से लेकर पंडाल सजाने तक लाखों रुपये खर्च हुए। पुलिस की चूक और लापरवाही के कारण अराजकता फैली। दर्शकों और वीआईपी को मायूस होना पड़ा। इससे बड़ा आर्थिक नुकसान भी हुआ है। इस मामले में जल्द ही प्रेसवार्ता के जरिये विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।
सपना चौधरी और अंजलि राघव के कार्यक्रमों के लिए बढ़ी चिंता
शुक्रवार रात की घटना के बाद मेले के आगामी बड़े कार्यक्रमों को लेकर पुलिस और प्रशासनिक महकमे पर दबाव बढ़ गया है। आगामी पंजाबी दरबार कार्यक्रम में अंजलि राघव व संजना यदुवंशी और संगीत सम्मेलन में मशहूर डांसर सपना चौधरी का आना प्रस्तावित है। दोनों कार्यक्रम में भारी भीड़ जुटने के आसार हैं। आयोजकों को डर है कि कहीं सुरक्षा की लचर व्यवस्था रंग में भंग न डाल दे।
अत्याधिक भीड़ के कारण ही कार्यक्रम को बीच में रोक दिया गया था। इसके पीछे उद्देश्य था कि कोई बड़ी घटना न हो। भीड़ को नियंत्रण के दाैरान एक होमगार्ड का पैर टूट गया। कई पुलिसकर्मी चोटिल हुए। आगे ऐसी स्थिति पैदा न हो, इसके लिए दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
-चिरंजीवनाथ सिन्हा, पुलिस अधीक्षक।