सादाबाद। चौंकिएगा नहीं, आप जो नजारा देख रहे हैं, वह किसी मकान या फिर किसी बरामदे का नहीं है। बल्कि यह हाल गांव वेेदई के परिषदीय स्कूल का है। गांव वेदई के पूर्व माध्यमिक विद्यालय के अतिरिक्त कक्षा भवनों के बाहर कंडे पाथे जा रहे हैं और तो और वहां मवेशियों को भी बांधा जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी बेसुध हैं। सरकारी स्कूलों की इस तरह से की जा रही बेकद्री के लिए आखिर कौन जिम्मेदार है।
गांव वेदई में पूर्व माध्यमिक विद्यालय का भवन है। इस भवन के पास ही अलग से अतिरिक्त कक्ष भी बने हुए हैं, लेकिन इन अतिरिक्त कक्षों पर ताला लगा हुआ है। इन कक्षों के बाहर काफी मात्रा में कंडे पाथे जा रहे हैं, उनको वहां बरामदे में एकत्रित भी किया जा रहा है। यही नहीं यहां मवेशी भी बांधे जा रहे हैं। यह अतिरिक्त कक्ष इसलिए भी बनाए गए थे कि बच्चों की बैठने की व्यवस्था अच्छे प्रकार से हो सके, लेकिन शासन की मंशा पर पानी फिरता दिखाई दे रहा है।
हालात ये हैं कि पूर्व माध्यमिक विद्यालय भवन का एक हिस्सा गिरासू स्थिति में है। बाकायदा यहां अंकित भी कराया गया है कि यह भवन गिरासू स्थिति में है। इसके बावजूद अलग से बने अतिरिक्त कक्षा कक्षों का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। यह अतिरिक्त कक्षा भवन सफेद हाथी साबित हो रहे हैं। इनमें कंडे पाथे जा रहे हैं और भैंस बांधी जा रही हैं। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि सरकारी शिक्षा की स्थिति कितनी भयावह है। फिलहाल, इस मामले में एबीएसए सुबोध कुमार पाठक का कहना है बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं है, लेकिन यदि अतिरिक्त कक्षा कक्षों पर कंडे आदि थापकर अतिक्रमण किया गया है तो कार्रवाई की जाएगी।