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फसलों के साथ-साथ लोगों की जान के दुश्मन भी बने आवारा पशु

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फसलों के साथ लोगों की जान के दुश्मन बने आवारा पशु
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आधा दर्जन लोगों को उतार चुके हैं मौत के घाट, हर गांव में इस समस्या से जूझ रहे किसान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। आवारा पशु किसानों की फसलों के साथ-साथ उनकी जान के भी दुश्मन बने हुए हैं। यह पशु दिन और रात किसानों की फसल उजाड़ रहे हैं और दिन-रात किसान अपना सब काम छोड़कर इन आवारा गोवंश व अन्य पशुओं से अपनी फसल की रक्षा कर रहे हैं। गांव भोजपुर में भी किसानों ने जब एक युवा किसान अर्जुन की फसल तबाह कर दी तब उसे यह आत्मघाती कदम उठाना पड़ा। इस साल आवारा पशुओं के हमले में करीब आधा दर्जन लोगों की जान जा चुकी है।
आवारा पशु इस समय आतंक का पर्याय बने हुए हैं। वह देहात में किसानों को फसलों को बर्बाद कर रहे हैं और उन पर हमले भी कर रहे हैं। गांव भोजपुर के युवा किसान अर्जुन की फसल जब आवारा पशु बर्बाद कर गए तो उसने यह आत्मघाती कदम उठाया। इस गांव के आसपास के गांवों के लोगोें का कहना है कि इस समय फसलों के सामने सबसे बड़ी समस्या आवारा पशु हैं, जिसमें आवारा गोवंश की संख्या ज्यादा है।
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यह आवारा पशु न केवल फसलों को नष्ट कर रहे हैं बल्कि लोगों पर हमले भी कर रहे हैं। पिछले दिनों गांव नगला हीरा सिंह, रहना, केवल गढ़ी, कस्बा सादाबाद सहित कई स्थानों पर आवारा पशु कई लोगों की जान भी ले चुके हैं। सड़क हादसों का कारण भी यह बन रहे हैं। ग्रामीण कई बार इस समस्या को लेकर प्रदर्शन भी कर चुके हैं
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