तहसील क्षेत्र में एक स्कूल के नाम अवैध रूप से दर्ज की गई ग्राम पंचायत बमनई के मजरा जूझरिया की चरागाह की 1.930 हेक्टेयर भूमि का आवंटन निरस्त कर दिया गया है। यह जमीन 21 अप्रैल 1994 को गलत तरीके से कृषि फॉर्म के लिए राजस्व रिकॉर्ड में आवंटित दर्शाई गई थी, जबकि राजस्व नियमों के अनुसार चरागाह की भूमि उपयोग परिवर्तन करने का अधिकार राजस्व अधिकारियों को है ही नहीं।
ज्ञात रहे कि इस मामले की शिकायत सपा नेता अजय शर्मा और कैलाश बिहारी गौड़ ने की थी। डीएम ने इसकी जांच एसडीएम सदर से कराई। जांच के बाद एसडीएम सदर ने शिकायत कर्ताओं के आरोपों की पुष्टि की। उन्होंने यह भी बताया कि यह जमीन राजस्व गांव जूझरिया की चरागाह भूमि है, जिसे तत्कालीन राजस्व अधिकारियों ने नियम विरुद्ध तरीके भूमि प्रबंधन समिति और राजस्व अधिकारियों ने आवंटन किया है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीएम अमित कुमार सिंह ने एडीएम न्यायालय को इस मामले की विधिवत रूप से सुनवाई कर इस चरागाह भूमि का नामांतरण स्थगित करने के आदेश दिए। एडीएम रेखा एस चौहान ने मामले को अपने न्यायालय में सुना। इसके बाद आदेश पारित किया।
एडीएम के आदेश में कहा गया है कि तत्कालीन भूमि प्रबंधन समिति ग्राम पंचायत बमनई द्वारा पारित आवंटन प्रस्ताव 21 अप्रैल 1994 एवं तत्कालीन एसडीएम द्वारा स्वीकृत 28 जून 1994 के आदेश द्वारा स्कूल के कृषि फार्म के नाम किए गए आवंटन को कानूनी प्रक्रिया के विपरीत होने के कारण निरस्त किया जाता है। राजस्व अभिलेखों में मौजा जूझरिया की इस भूमि को पूर्व की तरह चरागाह के रूप में ही दर्ज किया जाए। एसडीएम सदर से कहा गया है कि वह अपनी देखरेख में आवंटित भूमि पर भूमि प्रबंधन समिति बमनई को कब्जा दिलाना सुनिश्चित करें और एक हफ्ते में इसकी आख्या उपलब्ध कराएं।