कोर्ट से स्टे के बावजूद एक जमीन का इकरारनामा कर दिया गया। मामले में एसएसपी नीरज जादौन के आदेश पर चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, मारपीट और जान से मारने की धमकी आदि धाराओं में रिपोर्ट दर्ज हुई है।
गांव जैसी नगला निवासी वीरवती ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि एक जमीन में वह सहखातेदार हैं। इस जमीन का वाद सिविल जज खैर के कोर्ट में विचाराधीन है। 20 जनवरी 2024 को कोर्ट ने जमीन के क्रय-विक्रय पर रोक लगाते हुए यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया था। कोर्ट के इस आदेश के बावजूद सहखातेदार मुंशीलाल सहित जयवीर, चंद्रभान आदि ने उप निबंधक कार्यालय में सांठगांठ कर एक नवंबर 2025 को उनके कब्जे वाली 145 वर्गगज जमीन का विनोद कुमार के पक्ष में इकरारनामा करा दिया। कोर्ट के स्टे की बात कहने पर आरोपियों ने पिटाई करते हुए जान से मारने की धमकी दी।
इंस्पेक्टर हरिभान सिंह का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है। न्यायालय के आदेश की अवमानना, बैनामा प्रक्रिया में लापरवाही अथवा मिलीभगत के बिंदुओं को भी जांच में शामिल किया गया है।