नमी के बाद गेहूं खरीद में अब फार्मर रजिस्ट्री की अनिवार्यता फांस बन गई है। जिले में 50,000 किसानों की रजिस्ट्री नहीं हुई है और ये किसान सरकारी क्रय केंद्रों पर एमएसपी पर गेहूं नहीं बेच पाएंगे। काफी संख्या में ऐसे किसान भी हैं,जिनका पूरा रकबा फार्मर रजिस्ट्री में दर्ज नहीं किया गया है। ये भी अपना पूरा गेहूं नहीं बेच पाएंगे।
इसका असर गेहूं खरीद लक्ष्य पर भी पड़ रहा है। जिले में इस सीजन में 3.05 लाख क्विंटल गेहूं की खरीद का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन अभी तक सरकारी केंद्रों पर मात्र 5689 क्विंटल गेहूं की ही खरीद हो सकी है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक जिले में कुल 2.20 लाख किसान पंजीकृत हैं, जिनमें से करीब 50 हजार किसानों की अभी तक फॉर्मर रजिस्ट्री ही नहीं हो पाई है। ये किसान तो खरीद केंद्रों पर अपना पूरा गेहूं नहीं बेच पाएंगे।
जिन किसानों की रजिस्ट्री हो भी गई है, पोर्टल पर उनके सभी भूखंड (गाटा) प्रदर्शित नहीं हो रहे हैं। शासन ने प्रति हेक्टेयर 43 क्विंटल गेहूं की खरीद का मानक निर्धारित किया है। जब किसान केंद्र पर पहुंचते हैं, तो पोर्टल पर उनका रकबा कम दिखाई देता है। ऐसे में उन्हें लौटना पड़ता है और किसानों को आढ़तियों को समर्थन मूल्य से कम दाम पर फसल बेचनी पड़ रही है।
दो दिन से ट्रैक्टर लेकर केंद्र के चक्कर काट रहा हूं। मेरी फॉर्मर रजिस्ट्री में केवल एक ही खेत का नंबर चढ़ रहा है। बाकी गेहूं कहां ले जाऊं?
-मुन्नालाल निवासी हर्दपुर।
पहले बारिश ने गेहूं काला कर दिया और अब यह पोर्टल मुसीबत बढ़ा रहा है। जब तक गाटा संख्या अपडेट नहीं होगी, तब तक गेहूं की तौल नहीं हो सकती।
-सतेंद्र निवासी लोधीपुर।
गेहूं खरीद में फार्मर रजिस्ट्री की अनिवार्यता है, लेकिन इसमें भी सभी गाटा फीड न होने के कारण किसानों का गेहूं खरीदने में दिक्कत आ रही है।
-कमला प्रसाद, जिला खाद्य विपणन अधिकारी।
2.20 लाख किसान पंजीकृत हैं जिले में
1.70 लाख किसानों की हुई फार्मर रजिस्ट्री
75 हजार हेक्टेयर है जिले में गेहूं का रकबा
3.05 क्विंटल का लक्ष्य किया गया है निर्धारित
5689 क्विंटल गेहूं ही अब तक खरीदा गया