वैक्सीनेशन की शुरुआत करतीं राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष। संवाद
उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबिता सिंह चौहान ने कहा कि सर्वाइकल कैंसर से देश में हर सात मिनट में एक महिला की मौत हो जाती है। इसलिए सभी किशोरियों को को ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) वैक्सीन लगवाना चाहिए। यह पूरी तरह सुरक्षित है। इस दौरान किशोरियों को टीके लगाए गए। टीके लगवाने के बाद किशोरियों ने कहा कि इससे डरने वाली कोई बात नहीं है।
महिला आयोग की अध्यक्ष ने अभिभावकों से अपील है कि वे इस तीन महीने के ट्रायल फेज में अपनी बेटियों का पंजीकरण कराएं। सोशल मीडिया पर वायरल रील्स पर डॉ. बबिता ने कहा कि ये असामाजिक तत्व हैं। इससे भ्रमित होने की आवश्यकता नहीं है।
बता दें कि स्वास्थ्य विभाग ने ट्रायल फेज में 1 अप्रैल से 90 दिनों के लिए एचपीवी वैक्सीन प्रोग्राम शुरू किया है, जिसमें 14 से 15 वर्ष की 16,840 किशोरियों को टीके लगवाए जाने हैं। इसके लिए पहली खेप में 4760 वैक्सीन प्राप्त भी हो चुकी है।
शनिवार को डॉ. बबिता ने जिला महिला अस्पताल से अभियान की औपचारिक शुरुआत की। डॉ. बबिता ने बताया कि प्राइवेट अस्पतालों में पहले से यह वैक्सीन लगती आ रही है, जो कि काफी महंगी भी है, इसलिए सरकार इसे नियमित टीकाकरण से जोड़ने जा रही है।
वैक्सीन लगवाने वाली किशोरियों को डॉ. बबिता ने टीकाकरण कार्ड दिए तथा उनकी सराहना की। अलीगढ़ रोड की रहने वाली आराध्या अपने पिता के साथ वैक्सीन लगवाने पहुंची थी। वैक्सीन लगने के बाद से आधा घंटे तक अस्पताल में मौजूद रहीं। आराध्या ने बताया कि वैक्सीन लगने के बाद वे सामान्य हैं तथा डरने वाली कोई बात नहीं। इसी तरह खोंडा हजारी की सुमनलता ने बताया कि वे भी सामान्य महसूस कर रही हैं। जिला महिला अस्पताल में 17 किशोरियों को वैक्सीन दी गई।
यूविन पोर्टल से करा सकते हैं रजिस्ट्रेशन
सीएमओ ने बताया कि यूविन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराने के बाद स्लॉट बुक करा सकते हैं। इसके बाद तय दिन व समय पर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर टीके लगवाए जा सकते हैं। इससे लोगों का समय बचेगा। टीकाकरण के लिए लाभार्थी मोबाइल फोन, आधार कार्ड लेकर आना अनिवार्य होगा। टीकाकरण के बाद लाभार्थी अपने मोबाइल पर प्रमाण पत्र डाउनलोड कर सकते हैं।