आयकर की व्यक्तिगत देरी वाली व जीएसटी की नौ व नौ सी वार्षिक विवरणी दाखिल करने की अंतिम तिथि के चलते बुधवार को शहर के सीए व कर अधिवक्ता आधी रात तक काम मेें जुटे रहे। रात 12 बजे के बाद उन्होंने राहत की सांस ली।
बुधवार को वित्तीय वर्ष 2024-25 की व्यक्तिगत आयकर विवरणी दाखिल करने की अंतिम तिथि थी। कारोबारी व अन्य लोग विवरणी दाखिल करने के लिए सीए व कर अधिवक्ताओं के चक्कर काटते नजर आए। शहर के लगभग सभी कर अधिवक्ता व सीए के कार्यालयों में आईटीआर दाखिल किए जाने का काम आधी रात तक किया गया।
रात 12 बजे के बाद पोर्टल बंद होने पर सभी ने राहत की सांस ली। शहर के सीए व कर अधिवक्ताओं का कहना है कि इस साल नेशनल पोर्टल पर वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए काफी अधिक इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) दाखिल किए गए हैं। जीएसटी के तहत दो करोड़ से ऊपर टर्नओवर वालों को जीएसटीआर-9 व पांच करोड़ से ऊपर टर्नओवर वालों को जीएसटीआर-9सी भी दाखिल करनी है। 31 दिसंबर आखिरी तारीख होने के कारण कर अधिवक्ताओं व सीए की मदद से उद्यमियों ने विवरणी दाखिल कराईं।
अब 25 या 50 फीसदी कर के साथ ही दाखिल होगी विवरणी
वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए आयकर विवरणी अब सामान्य तौर पर दाखिल नहीं हो पाएगी। अब आयकर अधिनियम की धारा 234 एफ के अंतर्गत पोर्टल पर जुर्माना वसूला जाएगा। इसमें निर्धारित दो स्लैब 25 फीसदी व 50 फीसदी जुर्माना जमा करने पर ही विवरणी दाखिल हो सकेगी, जबकि कर निर्धारण न होने वाली विवरणियों पर पांच लाख रुपये के टर्नओवर तक एक हजार व इससे ऊपर पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाए जाने के साथ विवरणी आईटीआर-वी के अंतर्गत दाखिल की जा रहीं थी, जो एक जनवरी से आईटीआर-यू के अंतर्गत ही दाखिल की जा सकेंगी।
आज से शुरू होगा 200 रुपये प्रतिदिन का जुर्माना
जीएसटी के तहत 31 दिसंबर तक जीएसटीआर-9 न दाखिल करने वालों को 200 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना वहन करना होगा। जीएसटीआर 9-सी दाखिल न करने वाली पंजीकृत फर्म को एक जनवरी से 50 हजार रुपये का जुर्माना देना होगा। जब तक इन विवरणियों को दाखिल नहीं किया जाएगा, तब तक जुर्माने की गणना प्रतिदिन व प्रति वर्ष के हिसाब से की जाएगी।