42 मामलों में वाद दर्ज, 22.15 लाख का जुर्माना
मिलावटखोरों पर नकेल कसने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम लगातार कार्रवाई कर रही है। मानकों के विपरीत खाद्य सामग्री बेचने वाले कारोबारियों के खिलाफ विभाग द्वारा कुल 42 नए वाद न्यायालय में दर्ज किए गए हैं। इस साल 107 मामलों में न्यायालय ने निर्णय सुनाए हैं, जिसके तहत दोषियों पर कुल 22,15,500 रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।
इस तरह किया जा रहा सेहत से खिलवाड़
- सूखे मेवे : चमक और वजन बढ़ाने के लिए खतरनाक केमिकल व रंगों का प्रयोग।
- मसाले व हींग : घटिया रसायनों, स्टार्च और रंग-रोगन की मिलावट।
- दूध और पनीर : यूरिया, डिटर्जेंट और रिफाइंड ऑयल से तैयार सिंथेटिक पनीर व दूध।
- देसी घी : वनस्पति और हानिकारक एसेंस के सहारे तैयार नकली घी।
253 कुपोषित बच्चे हुए भर्ती
जिला अस्पताल स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में पिछले एक वर्ष में कुपोषण के शिकार 253 बच्चों को भर्ती कराया गया था। इससे साफ है कि आंगनबाड़ी जैसी योजनाओं के बावजूद बच्चों तक पोषण नहीं पहुंच पा रहा है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत इस वित्तीय वर्ष में अब तक 47 बच्चे जन्मजात दोष और 2620 बच्चे 4-डी के चिहि़्नत किए गए हैं, जिनमें से 2566 को उपचार दिया जा चुका है।