नगर पंचायत सहपऊ में अध्यक्ष का कार्यकाल समाप्त होने के बाद अधिशासी अधिकारी (ईओ) एवं संबंधित व टीसी द्वारा किए गए अनियमित भुगतान के मामले में जिलाधिकारी अर्चना वर्मा ने ईओ के खिलाफ शासन से कार्रवाई की सिफारिश की है। संंबंधित लिपिक व टीसी को आरोपपत्र देने के निर्देश एडीएम को दिए हैं। इन अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा 1.30 करोड़ रुपये का अनियमित तरीके से भुगतान किया गया था। इस मामले में जांच में तीनों दोषी पाए गए थे।
उल्लेखनीय है कि नगर पंचायत सहपऊ में अध्यक्ष के कार्यकाल की समाप्ति के बाद तत्कालील ईओ मणिजी सैनी, नगर पंचायत लिपिक अनुपम गुप्ता, टीसी हरेंद्र सिंह के जरिये 1.30 करोड़ रुपये का अनियमित तरीके से भुगतान किया गया था। इसकी शिकायत नगर पंचायत सहपऊ के पूर्व अध्यक्ष विपिन वशिष्ठ ने डीएम से की थी।
शिकायत में कहा था कि नगर पंचायत में चल रहे विकास कार्यों के पूर्ण होने से पहले ही कार्यदायी संस्थाओं को एक करोड़ तीस लाख रुपये का अनियमित तरीके से भुगतान कर दिया गया। तत्कालीन ईओ मणिजी सैनी, नगर पंचायत में तैनात लिपिक अनुपम गुप्ता के साथ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हरेंद्र सिंह (टीसी) ने मिलकर नगर पंचायत में विकास कार्य कर रहीं 17 कार्यकारी संस्थाओं को एक करोड़ 30 लाख रुपये का अनियमित भुगतान किया है।
डीएम अर्चना वर्मा ने एडीएम न्यायिक मोइनुल इस्लाम को पूरे मामले की जांच करने के आदेश दिए थे। जांच के आधार पर ईओ, अस्थायी तौर नगर पंचायत सहपऊ में तैनात किए लिपिक अनुपम गुप्ता एवं नगर पंचायत में तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हरेंद्र सिंह को दोषी माना था। जांच में दोषी पाए जाने की दशा में डीएम अर्चना वर्मा ने तीनों पर कार्रवाई की है। एडीएम बसंत अग्रवाल ने बताया कि डीएम ने ईओ के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन से सिफारिश की है। लिपिक अनुपम गुप्ता व टीसी हरेंद्र सिंह को आरोप पत्र दिए जा रहे हैं। इनके आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।