आगरा-अलीगढ़ मार्ग पर एनएच 509 के नाम से नए ग्रीन हाईवे के निर्माण की प्रक्रिया तेज हो गई है। करीब 66 किमी लंबे प्रस्तावित राजमार्ग का करीब 47 किमी का हिस्सा हाथरस जिले से होकर गुजरेगा। इसके लिए जिले में करीब डेढ़ हजार किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। जिन किसानों की जमीन ली जाएगी, उनको मुआवजा देने के लिए सर्किल रेट के आधार पर धनराशि का आकलन शुरू कर दिया गया हैै।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने इस मार्ग पड़ने वाले किसानों और उद्यमियों के अलावा सरकारी भूमि का भी चिह्नांकन कर लिया है। जल्द ही अधिग्रहण की प्रक्रिया को पूरा करने के बाद मुआवजा राशि का वितरण शुरू किया जाएगा। केंद्र सरकार की भारतमाला परियोजना के तहत इस फोर लेन राजमार्ग का निर्माण किया जाएगा। वर्तमान में आगरा-अलीगढ़ राजमार्ग टू लेन है। इस मार्ग पर यातायात का काफी दबाव काफी रहता है। कई बार इस मार्ग पर यात्रियों को जाम की समस्या भी झेलनी पड़ती है।
काफी समय से इस राजमार्ग को फोर लेन बनाने की मांग चल रही है। टू लेन में होने की वजह से वर्तमान में इस राष्ट्रीय राजमार्ग की प्रत्येक लेन की चौड़ाई 3.5 मीटर है। दोनों लेन को मिलाकर यह राजमार्ग सात मीटर चौड़ा है। ऐसे में इस मार्ग पर भारी वाहनों के साथ दोपहिया वाहनों के चलने से हमेशा हादसे की आशंका बनी रहती है। खासकर रात्रि में सफर दौरान यह मार्ग अधिक खतरनाक हो जाता है।
एनएच 509 के तहत अधिग्रहण के लिए भूमि का चिह्नांकन पूरा हो गया है। जल्द ही भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होगी। मुआवजे को प्रक्रिया संचालित है।-संजय वर्मा, परियोजना निदेशक एनएचएआई।