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एसिड अटैक करने वाले दोषियों को नहीं मिली राहत, अपील खारिज

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संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
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अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या दो ने एसिड अटैक के एक मामले में एसीजेएम सादाबाद के आदेश को बरकरार रखते हुए दायर की गई अपील को खारिज कर दिया है। इस मामले में एसीजेएम सादाबाद ने एसिड अटैक करने वाले दो दोषियों को सात-सात साल की कैद और अर्थदंड की सजा सुनाई थी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार 23 दिसंबर 2012 को सुरेश चंद ने थाना सादाबाद पर तहरीर दी कि उसके चचेरे भाई दीपक की सराफा बाजार में जेवरात की दुकान है। दीपक से वैभव उर्फ वैभू ने आभूषण खरीदे थे। इसकी उधारी का पैसा बकाया था। 23 दिसंबर को शाम छह बजे दीपक ने वैभव से बकाया एक हजार रुपये मांगे।
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इस पर वैभव से गाली-गलौज करने लगा और दीपक को पकड़ कर खींचकर अपने घर को ले जाने लगा। दीपक का शोर सुनकर उसकी दुकान पर मौजूद सुरेशचंद, ओमवीर शर्मा व गगन वार्ष्णेय बचाने के लिए आए लेकिन वैभव जबरन उसको अपने घर की तरफ खींचता रहा। आवाज देकर उसने अपने दोस्त बंटू उर्फ कालिया को बुलाया।
तभी दीपक को बचाने के लिए कुछ लोग आए और बीच बचाव करने लगे। तभी बंटू उर्फ कालिया तेजाब की बोतल ले आया। इसको वैभव व बंटू ने दीपक व अन्य लोगों के ऊपर फेंक दिया। इसकी कुछ छींटे आने-जाने वाले लोगों पर पड़ गई और आने-जाने वाले लोग झुलस गए। इनका चेहरा कुरूप हो गया।
इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया और न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। एसीजेएम सादाबाद ने 25 सितंबर 2017 को वैभव उर्फ वैभू व बंटू उर्फ कालिया को सात-सात साल की कैद व अर्थदंड की सजा सुनाई थी।
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इस मामले में अभियुक्त पक्ष की ओर से एसीजेएम सादाबाद के निर्णय के विरुद्ध अपील की गई। इसकी सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या दो विनीत चौधरी के न्यायालय में हुई। कोर्ट ने एसीजेएम सादाबाद के आदेश को बरकरार रखा है और अपील खारिज कर दी है।
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