क्षेत्र के एक गांव में छेड़खानी का विरोध करने पर हत्या के मामले में मौके पर पकड़ा गया आरोपी भी नाबालिग है। पुलिस ने उसे किशोर न्यायालय में पेश कर बाल सुधार गृह मथुरा भेज दिया है। इस दौरान पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी किशोर और मृतका के बीच मोबाइल पर लंबी बातचीत होती थी। दोनों ने इंटरमीडिट परीक्षा एक साथ पास की थी।
नए तथ्यों के सामने आने के बाद पुलिस जांच की दिशा भी बदल रही है और हत्या सहित दूसरे बिंदुओं पर भी पुलिस जांच कर रही है।पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी उसकी मौत का कारण गले में फंदा डाल लटकने के कारण (हैंगिंग) होने की बात सामने आई है।
शनिवार की रात में थाना क्षेत्र के एक गांव में किशोरी फंदे से लटकी मिली थी, गंभीर हालत में इलाज के दौरान जेएन मेडिकल कॉलेज अलीगढ़ में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों और पड़ोसियों ने मौके से एक किशोर को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया था। मृतका की मां ने पकड़े गए किशोर सहित तीन के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
कोतवाली निरीक्षक आशीष कुमार सिंह का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोन कॉल के ब्योरे से इस मामले की जांच को नई दिशा मिली है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। शीघ्र ही पुलिस अंतिम निर्णय पर पहुंच जाएगी।
-आरोपी किशोर को मथुरा बाल सुधारग्रह भेज दिया है। उसे रिमांड पर लेकर फिर से पूछताछ की जाएगी। नए तथ्यों के आधार पर विवेचना जारी है। डाक्टर आनंद कुमार, सीओ
आरोपी का पिता बोला, किशोरी ने फोन कर बुलाया था बेटे को
सिकंदराराऊ। किशोरी हत्या प्रकरण में आरोपी किशोर ने पिता ने मंगलवार कोतवाली पर बताया कि उनके बेटे को फंसाया गया है। उसने किशोरी को नहीं मारा। किशोरी ने फोन कर उसके बेटे को अपने घर बुलाया था।