विद्युत अधिकारियों के मनमाने रवैये से आजिज गांव रसूलपुर में एक युवक अर्द्धनग्न हालत में शुक्रवार को तपती दोपहर में हाइटेंशन लाइन के नीचे रखे ट्रांसफॉर्मर पर चढ़कर हाईटेंशन लाइन के पास जाकर बैठ गया। युवक का कहना था कि उसने विद्युत अधिकारियों को सूचना देकर चोरी की बिजली से चलते हुए नलकूप पकड़वाया था। मौके से केबल भी जब्त की गई, लेकिन आज तक कोई मुकदमा दर्ज नहीं कराया गया, बल्कि उसकी शिकायतों से चिढ़कर जेई ने बकाया बताकर उसके घर का कनेक्शन ही काट दिया और अब नलकूप का कनेक्शन काट रहे हैं।
इस दौरान कोतवाली प्रभारी गौरव सक्सेना, उपखंड अधिकारी (एसडीओ) शुभम सिंह, अवर अभियंता (जेई) अजय गोपाल, उपनिरीक्षक बलवीर सिंह व डायल 112 की टीम ने सभी शिकायतों का निस्तारण कराए जाने और उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं किए जाने का आश्वासन दिया। तब युवक लाइन से नीचे उतरा। इसके बाद पुलिस ने भी राहत की सांस ली।
लाइन पर बैठे युवक नवनीत कुमार निवासी रसूलपुर ने बताया कि उसने विद्युत विभाग के जेई अजय गोपाल व तत्कालीन एसडीओ ज्ञानप्रकाश गुप्ता को गांव में एक व्यक्ति का नलकूप चोरी से चलते हुए पकड़वाया था। इस जेई और एसडीओ ने केबल भी बरामद की थी मगर आज तक एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई है। उन्होंने इसकी शिकायत की थीं, जिससे चिढ़कर जेई ने बिना किसी नोटिस के उन पर ही 40 हजार रुपये का बकाया बताकर उसका घरेलू कनेक्शन काट दिया, जबकि 70 हजार रुपये का बकाया बताकर नलकूप कनेक्शन काटने पहुंच गए। इसी वजह से वह खंभे पर चढ़ा है।
उनके द्वारा पूर्व में पकड़वाई गई चोरी के मामले को साठगांठ करके गलत तरीके से निपटा दिया गया। नवनीत ने बताया कि चोरी से चलते हुए पकडे़ गए नलकूप के बारे में आरटीआई के तहत जानकारी मांगने पर उन्हें गलत सूचना दी गई। अधिकारियों ने गांव में मेरे खेत में मछली पालन पर लिए गए कनेक्शन को वाणिज्यिक कर दिया, जबकि अन्य किसानों द्वारा सबमर्सिबल लगाकर पाइप लाइन डालकर खेतों पर की जा रही सिंचाई के बाद भी उन कनेक्शनों को आज तक वाणिज्यिक नहीं किया गया है।
नवनीत ने बताया कि मुझसे ज्यादा बकाया वालों के कनेक्शन धड़ल्ले से चलवाए जा रहे हैं। वह अधिकारियों के यहां अपने बिल की समस्या को लेकर कई बार गए, लेकिन उनकी शिकायत का समाधान नहीं किया गया। शिकायत वापसी का दवाब बनाने के लिए उनका कनेक्शन काटा गया है। नवनीत का कहना था कि जब तक उनके घर के साथ नलकूप के कनेक्शन नहीं जोड़ा जाएगा और बिजली के बिल में संशोधन करते हुए आरटीआई के तहत जानकारी नहीं दी जाएगी, तब तक वह खंभे से नीचे नहीं उतरेगा। अधिकारियों से मिलने आश्वासन पर वह नीचे उतर आया। संवाद
इस उपभोक्ता पर 70 हजार रुपये का नलकूप बिल का बकाया है। वह कभी भी बिल संशोधन के लिए कार्यालय नहीं आया। उसे बिल संशोधित कराने का आश्वासन देकर नलकूप की लाइन जुड़वा दी गई है। घरेलू लाइन भी जल्द जुड़वा दी जाएगी। -शुभम सिंह, एसडीओ हसायन