राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रचारक जयकिशोर पर हुए जानलेवा हमले और लूट के मामले में सीजेएम कोर्ट ने बड़ा आदेश पारित किया है। हमला करने वाले मुख्य आरोपी सतीश उर्फ डब्बू प्रधान, उसके दो बेटों तरुण व देव और साथी सचिन चौधरी पर जानलेवा हमले व लूट के आरोपों को प्रथम दृष्टया सही माना है। कोर्ट ने सभी को 11 जून तक न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण के आदेश जारी किए हैं।
अजय कुलश्रेष्ठ ने एक फरवरी 2026 को थाना हाथरस गेट में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि वे आरएसएस के हाथरस जिला प्रचारक जय किशोर के साथ गाड़ी से मुख्य बाजार से नवल नगर स्थित जिला कार्यालय जा रहे थे। रास्ते के विवाद में नवल नगर में कुछ लोगों ने हमला कर दिया। हमलावरों ने गाड़ी के शीशे तोड़ दिए, जय किशोर की जेब से रुपये लूट लिए और जान से मारने की नीयत से फायरिंग भी की।
पुलिस ने अभियुक्तों को गिरफ्तार कर 2 फरवरी को रिमांड के लिए तत्कालीन सीजेएम कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने धारा 109 (1) (हत्या का प्रयास) और 311 (जानलेवा लूट) को बदलकर हल्की धाराओं में रिमांड मंजूर किया था और 16 फरवरी को आरोपियों को नियमित जमानत दे दी। इस आदेश के खिलाफ अभियोजन पक्ष ने रिवीजन डाला।
निगरानी अदालत ने 25 फरवरी को निचली अदालत के आदेश को आंशिक रूप से निरस्त करते हुए सीजेएम हाथरस को निर्देश दिए कि वे धारा 109(1) और 311 के तहत रिमांड संबंधी आदेश दोबारा पारित करें। इस क्रम में सीजेएम कोर्ट ने पत्रावली और केस डायरी का गहन परिशीलन किया, जिसमें जानलेवा हमले व घातक हथियार से लूट के आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए और यह निर्णय सुनाया।