ऑल इंडिया शिया सोसायटी के बैनर तले बृहस्पतिवार को हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में अंजुमने हैदरी की जानिब से मुहर्रम के उपलक्ष्य में मातमी जुलूस निकाला गया। जुलूस में शामिल लोगों ने मातमपुर्सी की।
मौलाना अलमदार हुसैन ने कहा कि कर्बला की जंग सत्य-असत्य की थी। यजीद जुल्म करके इंसानियत और इस्लाम के उसूलों को खत्म कर देने चाहता था। हजरत इमाम हुसैन जालिमों के आगे झुके नहीं। अपने उसूलों पर कायम रहने और इंसानियत की हिफाजत के लिए अपनी और 71 जांनिसारों की कर्बला के मैदान में भूखे-प्यासे रहकर शहादत दी। जुलूस में हसन मोहम्मद, मुवीन हैदर, चांद मियां, एजाज मेहंदी, शेरू, बाकर हुसैन, शुजा, बब्बू, जीशान, शकिर, जौली, सुर्खाब, बौबी, शब्बर, तकी, मजहर, आशाू, अम्मू, अरशद, रजा, कायम, कमर, सलमान, साहिल, नेहाल आदि ने शिरकत की।
इधर, किला खाई से शुरू हुआ जुलूस किला गेट, नगला बेलनशाह, जामा मस्जिद, कच्चा चौक, पक्का चौक, मोहल्ला अंसारी होते हुए किला गेट पर समाप्त हुआ। इसमें ऑल इंडिया अब्बासी महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष रईस अहमद अब्बासी, नजीर खान, मुशीर अंसारी, सलमान खान, इरशाद अंसारी, आस मोहम्मद, चौधरी शमसुद्दीन, शाहिद कुरैशी आदि शामिल थे।