नगर पालिका परिषद हाथरस की अध्यक्ष श्वेता चौधरी की ओर से शासन की कार्रवाई के खिलाफ दायर याचिका पर अब हाईकोर्ट की नई बेंच सुनवाई करेगी। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति जेजे मुनीर और न्यायमूर्ति इंद्रजीत शुक्ला की खंडपीठ ने सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है। किसी दूसरी बेंच को नामित करने के लिए मामले को मुख्य न्यायाधीश को भेज दिया है।
नगर पालिका परिषद हाथरस में दो साल पहले डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी की शिकायत की गई थी। सभासद मनीष अग्रवाल उर्फ पीपा व सुनील अग्निहोत्री ने टेंडर प्रक्रिया के संबंध में डीएम से शिकायत की थी। डीएम ने दो सदस्यीय जांच कमेटी बनाई थी। जांच रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि पर शासन ने तीन नोटिस जारी करने के बाद चार अगस्त को नगर पालिका अध्यक्ष के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए थे।
पालिकाध्यक्ष की ओर से इस मामले में सात अगस्त को रिट दायर की गई थी, जिसे 11 अगस्त को दर्ज किया गया और शुक्रवार की तिथि लगाई थी। उन्होंने याचिका में प्रमुख सचिव के अलावा, जिलाधिकारी तथा जांच अधिकारी रहे उप जिलाधिकारी व वरिष्ठ कोषाधिकारी को पार्टी बनाया है।