शिक्षा से वंचित बच्चों को स्कूलों तक पहुंचाने के लिए एक बार फिर विशेष पहल की जा रही है। ईंट भट्ठों और दिहाड़ी श्रमिकों के बच्चों को स्कूल लाने के उद्देश्य से प्रशासन द्वारा मिशन मोड में ''स्कूल चलो'' अभियान शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
यह विशेष अभियान एक मई से शुरू होगा, जिसमें बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षक और शिक्षा मित्र सक्रिय भूमिका निभाएंगे। वे घर-घर जाकर ऐसे बच्चों की पहचान करेंगे, जो अब तक स्कूल नहीं जा रहे हैं या बीच में पढ़ाई छोड़ चुके हैं। खास तौर पर ईंट भट्टों पर काम करने वाले परिवारों के बच्चों पर फोकस किया जाएगा, क्योंकि ये बच्चे अक्सर शिक्षा से दूर रह जाते हैं।
अभियान के तहत बच्चों का स्कूलों में नामांकन कराने के साथ-साथ उनके अभिभावकों को भी जागरूक किया जाएगा कि शिक्षा उनके बच्चों के भविष्य के लिए कितनी जरूरी है। सरकार की ओर से संचालित योजनाओं जैसे मुफ्त पाठ्यपुस्तक, यूनिफॉर्म, मध्यान्ह भोजन आदि की जानकारी भी दी जाएगी, ताकि अधिक से अधिक बच्चे स्कूल से जुड़ सकें। बीएसए स्वाति भारती ने बताया कि उम्मीद है कि इस पहल से जिले में नामांकन दर बढ़ेगी और कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा।