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कोर्ट में एसएसपी एटा ने रखा अपना पक्ष

Sat, 03 Nov 2012 12:00 PM IST
Hathras
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हाथरस। एक वकील की शिकायत पर न्यायालय द्वारा तलब करने पर एटा के एसएसपी सहित कई अधिकारी यहां कोर्ट में पेश हुए और अपना पक्ष रखा। अभी कई पुलिस अधिकारी इस मामले में कोर्ट में पेश नहीं हुए हैं। वकील का आरोप है कि उसे एक मुकदमे में झूठा फंसाया गया है और पुलिस ने गलत आरोप पत्र लगा दिया है।
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सासनी के मोहल्ला बिजलीघर बिजाहरी के एक व्यक्ति ने पुलिस को यह सूचना दी थी कि उसके घर पर मोबाइल फोन पर कोई व्यक्ति अश्लील बातें करता है। इस पर पुलिस ने छानबीन की तो इस मामले में पुलिस ने शहर के मधुगढ़ी निवासी एक सिम विक्रेता गौरव वर्मा को गिरफ्तार किया। पुलिस का कहना था कि जिस नंबर से यह फोन आए हैं, उस नंबर की सिम उसने फर्जी आईडी आदि के आधार पर बेची है। पुलिस ने इस मामले में 18 नवंबर 2010 को धारा 419,420,294,504,506 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली। इस मामले की विवेचना की गई तो पुलिस ने विवेचना में एक वकील प्रमोद पाठक निवासी रमनपुर का भी नाम प्रकाश में लाकर इस मुकदमे में आरोपी बना दिया। पाठक के मुताबिक इस मामले में उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की तो हाईकोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। इधर, उन्होंने डीआईजी अलीगढ़ को भी प्रार्थना पत्र दिया तो डीआईजी ने मुकदमे की विवेचना एटा जिले में स्थानांतरित कर दी। पाठक के मुताबिक डीआईजी ने मामले की जांच किसी राजपत्रित अधिकारी से कराने के निर्देश एटा के एसएसपी को दिए थे, लेकिन वहां विवेचना मिरहची के एसओ कृपाशंकर सक्सेना को दे दी गई। पाठक का आरोप है कि वहां भी विवेचना सही तरीके से नहीं कराई गई और राजपत्रित अधिकारी की जगह एसओ को दे दी गई और वहां विवेचना के बाद उसके खिलाफ यहां न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया।
इस पर पाठक ने यहां न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया। इसमें प्रदेश सरकार से लेकर यहां के पूर्व पुलिस अधीक्षक चंद्रप्रकाश, तत्कालीन सीओ सिटी अनिल कुमार, मुकदमे के विवेचनाधिकारी एसआई लंकुश सिंंह, एसएसपी एटा, कृपाशंकर सक्सेना एसओ मिरहची एटा, पर्यवेक्षण अधिकारी सीओ सिटी हाथरस और वादी मुकदमा सतेंद्र कुमार के खिलाफ शिकायत की गई। इस याचिका पर यहां न्यायालय ने उक्त अधिकारियों और वादी मुकदमा को तलब किया। यही नहीं कोर्ट ने डीजीपी को पत्र भी लिखा था। इस पर एसएसपी एटा के अलावा एसओ मिरहची कृपाशंकर सक्सेना, अन्वेषण अधिकारी पूर्व सीओ सिटी जगतराम जोशी और वादी मुकदमा आए और अपना पक्ष रखा।
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