हाथरस। शुल्क प्रतिपूर्ति और छात्रवृत्ति घोटाले के अहम दस्तावेज गायब करने वाले सुपरवाइजर की तलाश सरगर्मी से शुरू हो गई है। खास बात यह है कि अभी तक इस गंभीर मामले में आरोपी सुपरवाइजर के खिलाफ भी समाज कल्याण अधिकारी की तहरीर पर कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है, जिससे इस घोटाले को लेकर हलचल और तेज हो गई है। समाज कल्याण अधिकारी ने आरोपी सुपरवाइजर के खिलाफ न केवल शासन को रिपोर्ट भेज दी है, बल्कि अब उन्हें विभागीय कार्रवाई के लिए नोटिस भी जारी करने की तैयारी चल रही है।सहपऊ के मानिकपुर और जलेसर रोड के दो बहुचर्चित कालेजों में 73.02 लाख और 25.20 लाख रुपये की शुल्क प्रतिपूर्ति के गबन के खुलासे के बाद से ही समाज कल्याण विभाग का यह सुपरवाइजर गायब हो गया है। कई बार अधिकारियों ने उसके फोन पर संपर्क किया और उसके घर पर भी दूत भेजे गए, लेकिन उससे उनका कोई संपर्क नहीं हो सका। वहीं इस बाबू की तरफ से अभी तक न तो कोई छुट्टी का प्रार्थना पत्र अधिकारियों को भेजा गया है और न ही वह खुद हाजिर हुआ है। मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में बाबू की अलमारी का ताला तुड़वाकर अधिकारी उसका रिकार्ड कब्जे में ले चुके हैं, जिसमें से कई अहम दस्तावेज गायब मिले थे। इस मामले में बाबू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए थाना मुरसान में तहरीर भी दी चुकी है, लेकिन अभी तक रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है मगर सुपरवाइजर पर विभागीय कार्रवाई शुरू हो चुकी है। अब उसके घर पर नोटिस भिजवाया जा रहा है, जिसमें उसे कार्यालय में उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने की मोहलत दी जाएगी। अगर वह नहीं आया तो उसे निलंबित कर दिया जाएगा। उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए समाज कल्याण निदेशालय को रिपोर्ट भेजी जाएगी। फिलहाल तो दस्तावेजों की बरामदगी के लिए विभाग और प्रशासन को इस कर्मी की शिद्दत से तलाश है, ताकि उससे घोटाले के दस्तावेज बरामद हो सकें। समाज कल्याण अधिकारी श्रीनिवास द्विवेदी का कहना है कि इस गंभीर मामले में सुपरवाइजर को हरगिज बख्शा नहीं जाएगा।