सिकंदराराऊ। गांव खेड़िया टप्पा में सोमवार को फिर से बवाल हो गया। ठाकुर पक्ष के एक युवक की पिटाई के बाद दलित और ठाकुर पक्ष फिर से आमने-सामने आए गए। इस दौरान दोनों पक्षों में आधा घंटे तक लगातार पथराव और फायरिंग हुई। पथराव में दो महिलाएं समेत करीब आधा दर्जन लोग घायल हो गए। घटना के समय गांव में दो पुलिस वाले ही थे। जातीय संघर्ष के बाद गांव में फिर से तनाव व्याप्त हो गया है। पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इसको देखते हुए काफी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। गांव खेड़िया टप्पा में कुछ दिन पहले ठाकुरों ने दलित की बारात चढ़ने से रोक दिया था। इसके बाद दोनों पक्षों में विवाद हो गया था। इसी विवाद के चलते शनिवार की शाम को गांव में बवाल हुआ था। इसके बाद गांव में तनाव व्याप्त हो गया था। हालांकि रविवार को पूरे दिन शांति बनी रही, लेकिन शाम को दलित पक्ष की ओर से पूर्व प्रधान चंद्रपाल ने भी नौ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया था। इसके बाद से गांव में फिर से तनाव बढ़ गया। सोमवार की सुबह ठाकुर पक्ष का युवक तरुण पुत्र सुरेश प्रतिदिन की तरह दूध लेने पड़ोस के गांव गंगा गढ़ी गया। आरोप है कि वहीं दूसरे पक्ष के लोगाें ने उसे घेर लिया और जमकर पीटा। इतना ही नहीं, उसका दूध भी फैला दिया। यह खबर जैसे ही गांव में पहुंची वैसे ही ठाकुर पक्ष के लोगों में गुस्सा व्याप्त हो गया। पहले तो दोनों पक्षों में खूब कहासुनी हुई। इसके बाद छतों पर चढ़ कर आधा घंटे तक पथराव-फायरिंग हुई। इससे गांव में अफरा-तफरी मच गई। घटना के समय गांव में दो ही पुलिस वाले तैनात थे, लेकिन वे डर के मारे कुछ नहीं कर पाए। गांव में फिर से पथराव और फायरिंग की सूचना पर पुलिस अफसरों में हड़कंप मच गया। सीओ ने तत्काल पुलिस को गांव में भेजा। बाद में पीएसी भी पहुंच गई। पूरे दिन ताबड़तोड़ दबिश देने के बाद पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके बाद से गांव में फिर से तनाव व्याप्त हो गया। गांव खेड़िया टप्पा में रविवार को हुए पथराव और फायरिंग में आधा दर्जन लोग घायल हो गए हैं। पथराव से रीना पत्नी विजेंद्र, दीपक, राकेश, मुन्नी देवी पत्नी मुन्नालाल के अलावा तरुण भी घायल गया। बताया जाता है कि इस दौरान पांच राउंड गोलियां चलाई गईं थीं। गौर हो कि शनिवार को भी हुए बवाल में तीन लोग घायल हो गए थे।