फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

1.68 करोड़ के घोटाले में फंसे चार सिंचाई अफसर

Thu, 30 Oct 2014 05:30 AM IST
Hathras
विज्ञापन
विज्ञापन
हाथरस। सिंचाई विभाग के अफसरों द्वारा नहरों और रजवाहों की सिल्ट सफाई, पाइलिंग और जीपेविल रोड निर्माण के नाम पर किए करोड़ों के घोटाले में अब चार अधिकारियों को दोषी पाया गया है। विभाग ने इनके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। कार्रवाई की जद में विभाग के एक पूर्व एक्सईएन और दो सहायक अभियंता शामिल हैं। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने मौजूदा एक्सईएन अतुल गुप्ता को इन तीनों के खिलाफ अविलंब चार्जशीट बनाकर पेश करने के निर्देश दिए हैं, जिससे इनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई पूर्ण की जा सके। दोषी मिले एक अधिकारी की मौत हो चुकी है।
विज्ञापन

सिंचाई विभाग के इन अधिकारियों ने वर्ष 2005 में हाथरस ब्रांच नहर की सिल्ट सफाई कराने, नहर की पटरी पर जीपेविल रोड बनवाने एवं नहर की पटरी में होने वाले कटान को रोकने के लिए बल्ली पाइलिंग कराने के नाम पर 1.68 करोड़ रुपये का घोटाला किया। इसकी शिकायत सपा के पूर्व जिला प्रवक्ता अजय शर्मा ने तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव को भेजी। इस शिकायत को सीएम ने गंभीरता से लेते हुए सतर्कता विभाग से जांच कराने के आदेश दिए। सतर्कता विभाग ने शासन को इस प्रकरण में खुली जांच कराने की संस्तुति की। इसके बाद शासन ने इस मामले में सर्तकता विभाग व सिंचाई विभाग के अफसरों को जांच करने के निर्देश दिए। इन दोनों ही जांचों में सिंचाई विभाग के तत्कालीन एक्सईएन कप्तान सिंह, सहायक अभियंता प्रथम, द्वितीय और तृतीय अनुराग अग्रवाल, केपी सिंह, सतीश त्रिपाठी को दोषी पाया गया। इसमें से सहायक अभियंता सतीश त्रिपाठी की मृत्यु हो जाने के कारण इनका नाम विभागीय जांच से हटा दिया गया है। सिंचाई विभाग के आला अधिकारियों ने अब हाथरस ब्रांच के एक्सईएन अतुल गुप्ता से शीघ्र इस मामले में चार्जशीट दाखिल करने के निर्देश दिए हैं, जिससे इन तीनों अफसरों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सके।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें